राष्ट्रपति द्रोपदी मुर्मू ने लखपति दीदी सम्मेलन में महिला सशक्तिकरण करण व समावेशी आर्थिक विकास को बढ़ावा देने का विश्वास जताया

Edited By Updated: 23 Dec, 2023 11:27 PM

president murmu expressed confidence in promoting economic development

भारत की राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने शनिवार को जैसलमेर, राजस्थान में लखपति दीदी सम्मेलन की शोभा बढ़ाई। इस अवसर पर बोलते हुए, राष्ट्रपति ने कहा कि उन्हें इस सम्मेलन को संबोधित करते हुए खुशी हो रही है क्योंकि स्वयं सहायता समूह समाज के वंचित और पिछड़े...

नेशनल डेस्क (रघुनंदन पराशर) : भारत की राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने शनिवार को जैसलमेर, राजस्थान में लखपति दीदी सम्मेलन की शोभा बढ़ाई। इस अवसर पर बोलते हुए, राष्ट्रपति ने कहा कि उन्हें इस सम्मेलन को संबोधित करते हुए खुशी हो रही है क्योंकि स्वयं सहायता समूह समाज के वंचित और पिछड़े वर्गों,विशेषकर महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने में महत्वपूर्ण योगदान दे रहे हैं। उन्होंने कहा कि जब हमारा देश आजादी की शताब्दी मनाएगा तो हमने भारत को एक विकसित राष्ट्र बनाने का संकल्प लिया है। इस लक्ष्य को हासिल करने के लिए आत्मनिर्भर होना बहुत जरूरी है। लेकिन यह तभी संभव होगा जब देश की हर महिला आत्मनिर्भर और सशक्त होगी।

राष्ट्रपति ने कहा कि महिला सशक्तिकरण और कार्यबल में महिलाओं की समान भागीदारी सामाजिक और आर्थिक प्रगति में महत्वपूर्ण योगदान देती है। कोई भी देश अपनी 50 फीसदी आबादी को नजरअंदाज कर आगे नहीं बढ़ सकता। महत्वपूर्ण अंतर्राष्ट्रीय अध्ययनों और अनुमानों से पता चला है कि यदि कार्यबल में महिलाओं की भागीदारी पुरुषों के बराबर हो तो भारत की जीडीपी में उल्लेखनीय वृद्धि हो सकती है।

राष्ट्रपति ने कहा कि भारत सरकार यह सुनिश्चित करने के लिए हर संभव प्रयास कर रही है कि महिलाओं ही को अधिक आर्थिक स्वायत्तता, व्यक्तिगत स्वतंत्रता और राजनीतिक शक्ति मिले। कार्यबल में महिलाओं की भागीदारी और उनके रोजगार की गुणवत्ता में सुधार के लिए कई कदम उठाए गए हैं। श्रम कानूनों में अनेक सुरक्षात्मक एवं सहायक प्रावधान शामिल किये गये हैं। सरकार की कई योजनाएँ महिलाओं के जीवन स्तर को ऊपर उठाने में सहायक सिद्ध हुई हैं।

सरकार ने राजनीतिक भागीदारी सुनिश्चित करने की दिशा में भी बड़े कदम उठाए हैं। हाल ही में 'नारी शक्ति वंदन अधिनियम' पारित किया गया है जिसमें महिलाओं के लिए लोकसभा और विधानसभाओं में एक तिहाई सीटें आरक्षित करने का प्रावधान है। लेकिन, महिला सशक्तिकरण की यात्रा में अभी भी एक लंबा सफर तय करना बाकी है।आज भी सामाजिक और आर्थिक क्षेत्र में लिंग आधारित प्राथमिकता जैसी समस्याएँ बनी हुई हैं।

महिलाओं को स्वामित्व और संपत्ति के अधिकार के लिए संघर्ष करना पड़ता है,जिसके कारण उन्हें क्रेडिट या ऋण प्राप्त करने में कठिनाई होती है। राष्ट्रपति ने कहा कि हमें यह सुनिश्चित करना होगा कि देश का प्रत्येक नागरिक आर्थिक और सामाजिक रूप से सशक्त हो। इसके लिए जरूरी है कि लैंगिक अंतर की दरार को जल्द से जल्द भरा जाए। यह सभी की जिम्मेदारी है कि महिलाएं आर्थिक विकास को गति दें और महिला नेतृत्व वाले विकास के विचार को क्रियान्वित करें। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि लखपति दीदी सम्मेलन महिला सशक्तिकरण और समावेशी आर्थिक विकास को बढ़ावा देगा।

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