Edited By Sahil Kumar,Updated: 22 Feb, 2026 04:18 PM

सरकार ने महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने के लिए महिला समृद्धि योजना शुरू की है। योजना के तहत गरीब और पिछड़े वर्ग की महिलाएं प्रशिक्षण प्राप्त कर कम ब्याज पर लोन लेकर अपना व्यवसाय शुरू कर सकती हैं। 18 से 55 वर्ष की आयु की महिलाएं, जिनकी सालाना आय 3 लाख...
नेशनल डेस्कः महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में सरकार ने एक नया कदम उठाया है। महिला समृद्धि योजना के तहत अब गरीब और पिछड़े वर्ग की महिलाएं प्रशिक्षण प्राप्त करके कम ब्याज पर लोन लेकर अपना व्यवसाय शुरू कर सकती हैं। इस पहल का उद्देश्य महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाना और उन्हें स्वरोजगार के अवसर प्रदान करना है।
महिला समृद्धि योजना
महिला समृद्धि योजना, राष्ट्रीय पिछड़ा वर्ग वित्त एवं विकास निगम (NBCFDC) के तहत चलाई जाती है। इस योजना के माध्यम से महिलाओं को अपने व्यवसाय की शुरुआत करने के लिए जरूरी प्रशिक्षण और आर्थिक सहायता दी जाती है। योजना में लगभग 20 महिलाओं का समूह बनाकर उन्हें व्यवसाय से जुड़े प्रशिक्षण प्रदान किए जाते हैं। प्रशिक्षण का पूरा खर्च और भत्ता सरकार उठाती है।
योजना के तहत क्या सुविधाएं मिलती हैं?
- प्रशिक्षण के दौरान महिलाओं को व्यवसायिक कौशल सिखाया जाता है।
- प्रशिक्षण पूरा होने के बाद महिलाओं को अपना व्यवसाय शुरू करने के लिए कम ब्याज दर पर लोन दिया जाता है।
- महिलाओं को लोन की राशि अधिकतम 1,40,000 रुपये तक मिल सकती है।
- लोन की वापसी 3.5 साल की अवधि में किस्तों के माध्यम से करनी होती है।
कौन कर सकता है आवेदन?
यह योजना 18 से 55 वर्ष की आयु वाली महिलाओं के लिए खुली है। विशेष रूप से SC, ST और OBC वर्ग की कम आय वाली महिलाएं इसका लाभ उठा सकती हैं। इसके अलावा, जिनके परिवार की वार्षिक आय 3 लाख रुपये से कम है, वे भी इस योजना के तहत प्रशिक्षण और कम ब्याज पर लोन प्राप्त कर अपने व्यवसाय को शुरू कर सकती हैं। इस प्रकार यह पहल आर्थिक रूप से कमजोर महिलाओं के लिए विशेष अवसर प्रदान करती है।
आवेदन प्रक्रिया
- एनएसएफडीसी (NSFDC) या राज्य सरकार की आधिकारिक वेबसाइट पर जाएं।
- महिला समृद्धि योजना का आवेदन फॉर्म डाउनलोड करें।
- फॉर्म में व्यक्तिगत जानकारी, आय विवरण और आवश्यक लोन राशि भरें।
- सभी आवश्यक दस्तावेजों के साथ आवेदन जमा करें।
- जिला कार्यालय (SCA/CA) आवेदन की जांच के बाद मुख्य कार्यालय को भेजता है।
- स्वीकृति मिलने पर लोन राशि संबंधित बैंक/संस्था के माध्यम से उपलब्ध कराई जाती है।
- लाभार्थी तय की गई किस्तों में लोन वापस करती है।