Edited By Tanuja,Updated: 22 Jul, 2026 02:41 PM

सोनम वांगचुक के समर्थन में न्यूयॉर्क, सैन होजे, लंदन और डबलिन में प्रदर्शन हुए। प्रदर्शनकारियों ने NEET में कथित अनियमितताओं पर जवाबदेही की मांग करते हुए भारत सरकार से वांगचुक और अन्य प्रदर्शनकारियों से बातचीत करने की अपील की। वांगचुक तीन सप्ताह से...
International Desk: सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक के समर्थन में अमेरिका और यूरोप के कई शहरों में प्रदर्शन आयोजित किए गए। अमेरिका के न्यूयॉर्क और सैन होजे में अधिकार समूह 'हिंदूज फॉर ह्यूमन राइट्स' (Hindus for Human Rights) के कार्यकर्ताओं ने वांगचुक के प्रति एकजुटता जताते हुए प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारी राष्ट्रीय पात्रता-सह-प्रवेश परीक्षा (NEET) के आयोजन में कथित अनियमितताओं को लेकर नई दिल्ली में अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल पर बैठे वांगचुक के समर्थन में सड़क पर उतरे।
अमेरिका और ब्रिटेन में प्रदर्शन
सोमवार शाम न्यूयॉर्क के यूनियन स्क्वायर और कैलिफोर्निया के सैन होजे में महात्मा गांधी की प्रतिमा के पास प्रदर्शनकारियों ने तख्तियां लेकर वांगचुक के समर्थन में नारे लगाए। प्रदर्शन के दौरान भारत सरकार के खिलाफ नारेबाजी भी की गई और केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग उठाई गई। समूह ने बताया कि लंदन स्थित भारतीय उच्चायोग और आयरलैंड की राजधानी डबलिन स्थित भारतीय दूतावास के बाहर भी इसी तरह के विरोध प्रदर्शन आयोजित किए गए। संगठन ने अपने बयान में कहा,"चाहे न्यूयॉर्क हो या लंदन, सैन होजे हो या डबलिन भारत के विद्यार्थियों के साथ निष्पक्ष और सम्मानजनक व्यवहार होना चाहिए।"
भारत सरकार से बातचीत की अपील
'हिंदूज फॉर ह्यूमन राइट्स' ने भारत सरकार से अपील की है कि वह सोनम वांगचुक और उनके साथ भूख हड़ताल कर रहे अन्य प्रदर्शनकारियों से संवाद करे तथा छात्रों की चिंताओं का समाधान निकाले। संगठन का कहना है कि भारत के युवाओं को पारदर्शी व्यवस्था, ईमानदार जवाब और भरोसेमंद भविष्य का अधिकार है।लगातार तीन सप्ताह से अधिक समय तक भूख हड़ताल करने के कारण सोनम वांगचुक की तबीयत बिगड़ गई थी। इसके बाद दिल्ली पुलिस उन्हें जंतर-मंतर से सफदरजंग अस्पताल ले गई। बाद में दिल्ली उच्च न्यायालय के निर्देश पर उन्हें एक निजी अस्पताल में स्थानांतरित किया गया।