Edited By Radhika,Updated: 12 Mar, 2026 02:14 PM

संसद के बजट सत्र के दौरान गुरुवार को विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने देश में गैस और ईंधन की किल्लत को लेकर सरकार की नीतियों पर कड़े सवाल उठाए। उन्होंने आरोप लगाया कि भारत की त्रुटिपूर्ण विदेश नीति के कारण आज देश की ऊर्जा सुरक्षा दांव पर लग गई है।
नेशनल डेस्क: संसद के बजट सत्र के दौरान गुरुवार को विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने देश में गैस और ईंधन की किल्लत को लेकर सरकार की नीतियों पर कड़े सवाल उठाए। उन्होंने आरोप लगाया कि भारत की त्रुटिपूर्ण विदेश नीति के कारण आज देश की ऊर्जा सुरक्षा दांव पर लग गई है।
सदन में बोलने की नहीं मिली अनुमति
संसद के बाहर पत्रकारों से मुखातिब होते हुए राहुल गांधी ने कहा कि उन्हें सदन के भीतर देश की तेल और गैस स्थिति पर बयान देने से रोका गया। उन्होंने सदन की नई प्रक्रिया पर सवाल उठाते हुए कहा, "सामान्यतः प्रक्रिया यह होती है कि आप बोलने की अनुमति मांगते हैं और आपको समय दिया जाता है। लेकिन अब मंत्री तय करते हैं कि विपक्ष का नेता कब बोलेगा। यह लोकतंत्र के लिए ठीक नहीं है।"

राहुल गांधी ने पीएम मोदी पर किया तीखा हमला
राहुल गांधी ने चेतावनी देते हुए कहा कि आने वाले दिनों में गैस की समस्या और विकराल रूप धारण करेगी। उन्होंने कहा, "यह सिर्फ ईरान द्वारा ईंधन रोकने का मुद्दा नहीं है, बल्कि यह बदलते विश्व व्यवस्था (World Order) का संकेत है। हम एक अस्थिर समय में प्रवेश कर रहे हैं। प्रधानमंत्री को अपनी मानसिकता बदलनी होगी और यह सुनिश्चित करना होगा कि देश के करोड़ों लोग इस संकट की मार न झेलें।"
पेट्रोलियम मंत्री देंगे जवाब
दूसरी ओर, पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय ने स्पष्ट किया है कि घरेलू एलपीजी उत्पादन में लगभग 25% की वृद्धि हुई है और पूरा उत्पादन घरेलू उपभोक्ताओं की ओर मोड़ा जा रहा है। गृह मंत्रालय ने भी स्थिति की निगरानी के लिए 24 घंटे चलने वाला कंट्रोल रूम सक्रिय कर दिया है। पेट्रोलियम मंत्री हरदीप सिंह पुरी आज इस पूरे मुद्दे पर संसद में आधिकारिक बयान देंगे।