Middle East conflict: कोलकाता के रेस्तरां, भोजनालयों में LPG की कमी, खाने-पीने की चीज़ों के दाम बढ़े

Edited By Updated: 12 Mar, 2026 03:16 AM

kolkata restaurants and eateries face lpg shortage food prices rise

पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव के बीच वैश्विक तेल और गैस आपूर्ति में व्यवधान से जुड़ी वाणिज्यिक रसोई गैस सिलेंडरों की कमी का असर अब कोलकाता के रेस्तरां और सड़क किनारे भोजनालयों पर पड़ने लगा है। स्थिति के कारण कई छोटे भोजनालयों को खाने की कीमतें बढ़ानी पड़ी...

कोलकाताः पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव के बीच वैश्विक तेल और गैस आपूर्ति में व्यवधान से जुड़ी वाणिज्यिक रसोई गैस सिलेंडरों की कमी का असर अब कोलकाता के रेस्तरां और सड़क किनारे भोजनालयों पर पड़ने लगा है। स्थिति के कारण कई छोटे भोजनालयों को खाने की कीमतें बढ़ानी पड़ी हैं, जबकि कुछ का कहना है कि यदि आपूर्ति संकट जारी रहा तो उन्हें अपना कारोबार बंद करना पड़ सकता है। यह कमी ऐसे समय सामने आई है जब रसोई गैस की कीमतें पहले से ही बढ़ रही हैं। 

रेस्तरां मालिकों के अनुसार हाल के दिनों में वाणिज्यिक रसोई गैस सिलेंडरों की आपूर्ति सीमित हो गई है, क्योंकि वितरक कथित तौर पर स्कूलों और अस्पतालों जैसी आवश्यक सेवाओं को प्राथमिकता दे रहे हैं। इसके कारण कई होटल और भोजनालय नियमित रूप से गैस की आपूर्ति प्राप्त करने में कठिनाई का सामना कर रहे हैं। छोटे सड़क किनारे भोजनालय और सस्ते भोजन उपलब्ध कराने वाले प्रतिष्ठान सबसे अधिक प्रभावित दिखाई दे रहे हैं। ऐसे कई प्रतिष्ठानों ने गैस की कमी के कारण अस्थायी रूप से अपना कामकाज बंद कर दिया है, जबकि कुछ ने बढ़ती ईंधन लागत से निपटने के लिए अपने मेनू के दाम बढ़ा दिए हैं। 

भविष्य की आपूर्ति को लेकर अनिश्चितता के बीच कुछ खाद्य विक्रेता फिर से कोयले या लकड़ी के चूल्हों का उपयोग करने पर विचार कर रहे हैं, हालांकि कई लोगों का कहना है कि इस तरह का बदलाव करना आसान नहीं होगा। शहर के कई प्रमुख भोजन केंद्रों और व्यावसायिक क्षेत्रों से भी चिंता की खबरें सामने आ रही हैं। कार्यालयों में काम करने वाले लोगों के लिए किफायती भोजन के लिए प्रसिद्ध डैकर्स लेन में भोजन स्टॉल संचालकों का कहना है कि स्थिति लगातार कठिन होती जा रही है। 

इसी तरह पार्क सकर्स, जकारिया स्ट्रीट, पार्क स्ट्रीट, गोलपार्क, चांदनी चौक, डलहौजी स्क्वायर, एस्प्लेनेड, कैमक स्ट्रीट, एक्साइड क्रॉसिंग और मिंटो पार्क जैसे व्यस्त इलाकों में भी रेस्तरां संचालकों के बीच चिंता बढ़ी है। जकारिया स्ट्रीट में एक छोटा भोजनालय चलाने वाले महबूब इस्लाम ने कहा कि यदि गैस की कमी बनी रही तो स्थिति गंभीर हो सकती है। उन्होंने कहा, 'रमजान का महीना होने के कारण हम पहले से ही दबाव में हैं। फिलहाल किसी तरह काम चला रहे हैं, लेकिन यदि आपूर्ति की समस्या जारी रही तो हमें कारोबार बंद करना पड़ सकता है। गैस की कीमतें लगभग हर दिन बढ़ रही हैं और आपूर्ति घट रही है। जैसे-जैसे संघर्ष बढ़ रहा है, कीमतें और बढ़ती दिखाई दे रही हैं। आगे क्या होगा इसे लेकर अनिश्चितता है।' 

डैकर्स लेन के एक फास्ट फूड दुकान मालिक ने भी इसी तरह की चिंता व्यक्त करते हुए आरोप लगाया कि वाणिज्यिक रसोई गैस सिलेंडर पहले ही काला बाजार में ऊंचे दामों पर बिकने लगे हैं। उन्होंने कहा, 'जल्द ही शायद वहां भी उपलब्ध नहीं होंगे। ऐसे में हमारा कारोबार कैसे चलेगा, समझ नहीं आता। फिर से कोयले पर खाना बनाना आसान नहीं है।' एलपीजी की कमी का असर शहर के सबसे व्यस्त परिवहन केंद्रों में से एक सियालदह रेलवे स्टेशन के आसपास भी दिखाई दे रहा है। यहां के कई छोटे होटल प्रतिदिन हजारों यात्रियों और कामगारों को भोजन उपलब्ध कराते हैं। एक होटल संचालक ने बताया कि आवश्यक वस्तुओं की बढ़ती कीमतों ने पहले ही संचालन लागत बढ़ा दी थी और गैस की कमी ने स्थिति को और कठिन बना दिया है। 

वर्तमान में 19 किलोग्राम के वाणिज्यिक रसोई गैस सिलेंडर की कीमत लगभग दो हजार रुपये के करीब पहुंच गई है। चूंकि ऐसे सिलेंडर होटल और रेस्तरां में व्यापक रूप से उपयोग किए जाते हैं, इसलिए इनके दाम बढ़ने से भोजन तैयार करने की लागत सीधे बढ़ जाती है, जिसका असर अंतत: ग्राहकों पर पड़ता है। रेस्तरां मालिकों का कहना है कि पिछले कुछ दिनों में संकट और गहरा गया है, क्योंकि वितरक सामान्य संख्या के आधे सिलेंडर भी उपलब्ध नहीं करा पा रहे हैं। कई छोटे और मध्यम आकार के भोजनालयों को आशंका है कि यदि आपूर्ति जल्द स्थिर नहीं हुई तो स्थिति और बिगड़ सकती है। डलहौजी स्क्वायर के पास एक सड़क किनारे भोजनालय चलाने वाले संचालक ने कहा कि ईंधन लागत में वृद्धि के कारण उन्हें कठिन निर्णय लेने पड़ रहे हैं। 

उन्होंने कहा, 'गैस की कीमतें तेजी से बढ़ गई हैं और हमें आमतौर पर एक साथ कई सिलेंडर खरीदने पड़ते हैं। ऐसे में टिके रहने के लिए हमें या तो भोजन की कीमत बढ़ानी पड़ती है या परोसी जाने वाली मात्रा कम करनी पड़ती है।' इस बीच संभावित गैस संकट की आशंका के कारण शहर के विभिन्न रसोई गैस वितरण केंद्रों पर लंबी कतारें भी देखी जा रही हैं। कई उपभोक्ता अपने केवाईसी विवरण अद्यतन कराने के लिए जल्दबाजी कर रहे हैं, क्योंकि उन्हें आशंका है कि प्रक्रिया पूरी न होने पर आने वाले दिनों में गैस सिलेंडर प्राप्त करने में बाधा आ सकती है। 

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