Edited By Radhika,Updated: 31 Mar, 2026 04:24 PM

संसद की कार्यवाही के दौरान कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने मोदी सरकार की महत्वाकांक्षी 'स्मार्ट सिटी मिशन' की कड़ी आलोचना की है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार ने प्रचार के दम पर एक आधी-अधूरी कहानी देश को बेची है, जबकि जमीनी हकीकत इसके बिल्कुल उलट है।
नेशनल डेस्क: संसद की कार्यवाही के दौरान कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने मोदी सरकार की महत्वाकांक्षी 'स्मार्ट सिटी मिशन' की कड़ी आलोचना की है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार ने प्रचार के दम पर एक आधी-अधूरी कहानी देश को बेची है, जबकि जमीनी हकीकत इसके बिल्कुल उलट है।
क्या सिर्फ ₹48,000 करोड़ खर्च करना ही सफलता है?
राहुल गांधी ने सदन में सरकार से इस योजना के परिणामों का हिसाब मांगते हुए कहा, "कोई भी शहर तब तक स्मार्ट नहीं कहला सकता, जब तक वह अपने नागरिकों को साफ पानी, स्वच्छ हवा, सुरक्षा और बुनियादी गरिमा प्रदान नहीं करता।" उन्होंने सरकार के उस दावे पर भी सवाल उठाया जिसमें कहा गया है कि 97% प्रोजेक्ट पूरे हो चुके हैं और करीब ₹48,000 करोड़ खर्च किए गए हैं। राहुल ने पूछा कि यदि सब कुछ पूरा हो गया है, तो शहरों की सूरत क्यों नहीं बदली?
विफलता के गिनाए कारण
कांग्रेस नेता ने गिरते पुलों, धंसती सड़कों और दूषित पानी से हो रही मौतों का जिक्र करते हुए कहा कि यह योजना मोदी सरकार की कार्यशैली का सटीक उदाहरण है—"घोषणाएं बड़ी, प्रचार उससे भी बड़ा, लेकिन जवाबदेही शून्य।" उन्होंने जनता से अपील की कि वे अपने शहर की स्थिति को देखें और खुद तय करें कि क्या वाकई कुछ बदला है।
LDF और BJP पर मिलीभगत का आरोप
केरल विधानसभा चुनाव के प्रचार के दौरान भी राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री मोदी को घेरा। उन्होंने एक चुनावी सभा में गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि पीएम मोदी चाहते हैं कि केरल में वाम लोकतांत्रिक मोर्चा (LDF) की जीत हो। राहुल ने दावा किया कि कांग्रेस के नेतृत्व वाला संयुक्त लोकतांत्रिक मोर्चा (UDF) असल में एलडीएफ और भाजपा की मिलीजुली ताकतों के खिलाफ लड़ रहा है। इस दौरान मंच पर माकपा के दो पूर्व नेता (कुन्हिकृष्णन और टीके गोविंदन) भी मौजूद थे, जो अब यूडीएफ के समर्थन से निर्दलीय चुनाव लड़ रहे हैं।