इंदौर में साइबर जागरूकता के लिए ‘Cyber Vaani’ और ‘She Safe’ जैसी पहलें, राजेश दंडोतिया निभा रहे अहम भूमिका

Edited By Updated: 05 Jan, 2026 02:57 PM

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साइबर सुरक्षा के क्षेत्र में एक प्रभावशाली और विश्वसनीय आवाज़ के रूप में उभरे राजेश दंडोतिया ने डिजिटल सुरक्षा और साइबर अपराध के प्रति जागरूकता बढ़ाने में महत्वपूर्ण योगदान दिया है। वरिष्ठ पुलिस अधिकारी, लेखक और सार्वजनिक वक्ता के रूप में उनकी...

नेशनल डेस्कः साइबर सुरक्षा के क्षेत्र में एक प्रभावशाली और विश्वसनीय आवाज़ के रूप में उभरे राजेश दंडोतिया ने डिजिटल सुरक्षा और साइबर अपराध के प्रति जागरूकता बढ़ाने में महत्वपूर्ण योगदान दिया है। वरिष्ठ पुलिस अधिकारी, लेखक और सार्वजनिक वक्ता के रूप में उनकी भूमिका कानून प्रवर्तन, तकनीकी जागरूकता और सामुदायिक शिक्षा को एक साथ जोड़ती है। लगभग तीन दशकों की सार्वजनिक सेवा और जनसंपर्क के अनुभव के साथ राजेश दंडोतिया ने साइबर सुरक्षा के क्षेत्र में अपनी सशक्त पहचान बनाई है। वर्तमान में पुलिस अधिकारी के रूप में कार्यरत दंडोतिया का कार्य केवल पारंपरिक पुलिसिंग तक सीमित नहीं है। उनका ध्यान मुख्यतः साइबर अपराध की रोकथाम और डिजिटल धोखाधड़ी प्रबंधन पर केंद्रित रहा है।

साइबर सुरक्षा और डिजिटल जागरूकता को बढ़ावा देने के लिए राजेश दंडोतिया ने कई प्रमुख पुस्तकें लिखी हैं, जिनमें साइबर रक्षक (हिंदी), Cyber Crime Prevention and Fraud Management, Inside the Cyber Crime Files और Cyber Protector शामिल हैं। ये पुस्तकें छात्रों, पेशेवरों और कानून प्रवर्तन कर्मियों के बीच व्यापक रूप से लोकप्रिय हैं और जटिल साइबर खतरों को सरल और व्यावहारिक रूप में समझाने के लिए सराही जाती हैं।

राजेश दंडोतिया के जन-जागरूकता प्रयासों को वैश्विक स्तर पर मान्यता मिली है। उनके नाम 11 विश्व रिकॉर्ड दर्ज हैं। इनमें वर्ल्ड बुक ऑफ रिकॉर्ड्स (लंदन) और इंडिया बुक ऑफ रिकॉर्ड्स द्वारा सबसे अधिक साइबर जागरूकता सत्र आयोजित करने का रिकॉर्ड शामिल है। इसके अलावा, Worldwide Book of Records, World Record of Excellence (England), International Book of Records और World Records of India जैसे अंतरराष्ट्रीय संगठनों ने भी उनके योगदान को सम्मानित किया है। विशेष रूप से माताओं के लिए आयोजित साइबर जागरूकता सत्र उनके परिवार-स्तरीय डिजिटल सुरक्षा के प्रति समर्पण को दर्शाता है।

साइबर जागरूकता के साथ-साथ उनका कार्य सामाजिक सरोकारों तक भी फैला है। Golden Book of World Records द्वारा मान्यता प्राप्त सबसे बड़ा नशा जागरूकता सत्र, World Book of Records, लंदन द्वारा सबसे बड़ी मानव श्रृंखला और सबसे बड़े ई-शपथ (e-Shapath) अभियान में उनका नेतृत्व उल्लेखनीय रहा है। एक हजार साइबर जागरूकता सत्र आयोजित करने की उपलब्धि पर भी उन्हें Golden Book of World Records द्वारा सम्मानित किया गया।

इंदौर, राजेश दंडोतिया की कई प्रमुख साइबर पहलों का केंद्र रहा है। Digital Suraksha Initiative के अंतर्गत उन्होंने विभिन्न जनसमूहों के लिए कई कार्यक्रमों की संकल्पना और नेतृत्व किया। इनमें Cyber Message, Cyber Bridge, Cyber Spark, She Safe, Cyber Youth, Cyber Vaani और Cyber Insights जैसी पहलें शामिल हैं, जो कानून प्रवर्तन, तकनीकी विशेषज्ञ और निजी क्षेत्र के बीच सार्थक संवाद को बढ़ावा देती हैं।

व्यक्तिगत जीवन में भी राजेश दंडोतिया सार्वजनिक सेवा के प्रति प्रतिबद्ध हैं। उनकी पत्नी नीति दंडोतिया मध्य प्रदेश पुलिस में उप पुलिस अधीक्षक (DSP) के पद पर कार्यरत हैं। दंपति के दो बच्चे—सम्यक और सत्यार्थ—हैं, और परिवार में मूल्यों, अनुशासन और डिजिटल जिम्मेदारी पर जोर दिया जाता है। कानून प्रवर्तन, लेखन, सार्वजनिक वक्तृत्व और बड़े पैमाने पर जागरूकता अभियानों के अनूठे संयोजन के माध्यम से राजेश दंडोतिया ने भारत में साइबर अपराध के खिलाफ लड़ाई में एक विशिष्ट पहचान बनाई है। उनका कार्य न केवल नीति निर्माण को प्रभावित कर रहा है, बल्कि नागरिकों को डिजिटल दुनिया में सजगता और आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ने के लिए सशक्त भी बना रहा है।

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