Edited By Sarita Thapa,Updated: 17 Sep, 2026 09:11 AM

सनातन धर्म में ललिता सप्तमी का बहुत खास महत्व है। भाद्रपद माह में राधा अष्टमी से ठीक एक दिन पहले ललिता सप्तमी का पावन पर्व मनाया जाता है। माना जाता है कि यह दिन राधा रानी की सबसे प्रिय ललिता सखी की पूजा-अर्चना के लिए समर्पित है।
Lalita Saptami 2026 : सनातन धर्म में ललिता सप्तमी का बहुत खास महत्व है। भाद्रपद माह में राधा अष्टमी से ठीक एक दिन पहले ललिता सप्तमी का पावन पर्व मनाया जाता है। माना जाता है कि यह दिन राधा रानी की सबसे प्रिय ललिता सखी की पूजा-अर्चना के लिए समर्पित है। माना जाता है कि इस दिन सच्चे मन से ललिता सखी की पूजा करने से वैवाहिक जीवन में मधुरता बनी रहती है और मन की हर इच्छा पूरी होती है। तो आइए जानते हैं ललिता सप्तमी के शुभ मुहूर्त और पूजा विधि के बारे में-
ललिता सप्तमी 2026 कब है?
पंचांग के अनुसार, भाद्रपद माह के शुक्ल पक्ष की सप्तमी तिथि की शुरुआत 17 सितंबर को सुबह 10 बजकर 49 मिनट से होगा और इसका समापन 18 सितंबर को दोपहर 1 बजकर 2 मिनट पर होगा। उदयातिथि के अनुसार, ललिता सप्तमी का पर्व 18 सितंबर 2026 को मनाया जाएगा।
ललिता सप्तमी 2026 शुभ मुहूर्त
शास्त्रों में माना गया है कि सही मुहूर्त में की गई पूजा-अर्चना का फल कई गुना बढ़कर मिलता है। इस साल ललिता सप्तमी के दिन पूजा के लिए सुबह से लेकर दोपहर तक का समय बहुत उत्तम है।
प्रातःकाल पूजा का शुभ मुहूर्त: सुबह 6 बजकर 07 मिनट से दोपहर 1:00 बजे तक।
अभिजित मुहूर्त (सबसे श्रेष्ठ समय): दोपहर 12 बजकर 08 मिनट से दोपहर 12 बजकर 57 मिनट तक।
ब्रह्म मुहूर्त: सुबह 4 बजकर 52 मिनट से सुबह 5 बजकर 39 मिनट तक।
प्रातः संध्या मुहूर्त: सुबह 5 बजकर 16 मिनट से सुबह 6 बजकर 27 मिनट तक।

ललिता सप्तमी की सरल पूजा विधि
ललिता सप्तमी के दिन सुबह जल्दी उठकर स्नान करने के बाद साफ-सुथरे वस्त्र धारण करें और पूजा का संकल्प लें।
फिर एक चौकी पर लाल या पीला कपड़ा बिछाकर ललिता सखी और राधा-कृष्ण की मूर्ति या तस्वीर स्थापित करें।
अब ललिता देवी और राधा-कृष्ण की प्रतिमा को गंगाजल या पंचामृत से स्नान कराएं।
उसरे बाद रोली, चंदन, अक्षत और ताजे पीले और गुलाबी फूल अर्पित करें। साथ ही ललिता सखी को श्रृंगार की सामग्री और खीर या माखन-मिश्री का भोग लगाएं।
अंत में धूप-दीप जलाकर ललिता सखी के मंत्रों का जाप करें और आरती करके परिवार के सुख-समृद्धि की प्रार्थना करें।

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