Edited By Ramkesh,Updated: 17 Jun, 2026 06:27 PM

अयोध्या स्थित श्रीराम जन्मभूमि मंदिर में विराजमान रामलला को दुनिया के सबसे महंगे आमों में गिने जाने वाले जापानी मियाजाकी आम का भोग लगाया गया। अयोध्या के किसान ओमप्रकाश सिंह ने परंपरा निभाते हुए अपने बाग में तैयार हुए इस विशेष आम का पहला फल भगवान...
नेशनल डेस्क: अयोध्या स्थित श्रीराम जन्मभूमि मंदिर में विराजमान रामलला को दुनिया के सबसे महंगे आमों में गिने जाने वाले जापानी मियाजाकी आम का भोग लगाया गया। अयोध्या के किसान ओमप्रकाश सिंह ने परंपरा निभाते हुए अपने बाग में तैयार हुए इस विशेष आम का पहला फल भगवान श्रीराम को अर्पित किया। जिसकी खूब प्रशंसा हो रही है।
अयोध्या की जलवायु को जांचने के उद्देश्य से लगाया गया था आम का पौधा
ओमप्रकाश सिंह ने बताया कि उन्होंने करीब दो वर्ष पहले जापान की प्रसिद्ध मियाजाकी प्रजाति के आम का पौधा अयोध्या की जलवायु में इसकी उपयुक्तता जांचने के उद्देश्य से लगाया था। इस वर्ष पेड़ पर लगभग एक दर्जन फल आए हैं, जिससे किसान और बागवानी विशेषज्ञ बेहद उत्साहित हैं। प्रत्येक फल का वजन करीब 150 से 300 ग्राम के बीच बताया जा रहा है।
एक फल की कीमत करीब 80 हजार
मियाजाकी आम अपनी अनोखी गुणवत्ता, मिठास और चमकदार लाल रंग के कारण दुनिया भर में बेहद लोकप्रिय है। अंतरराष्ट्रीय बाजार में इसकी कीमत प्रति किलो दो से ढाई लाख रुपये तक पहुंच जाती है। वहीं एक फल की कीमत करीब 80 हजार से एक लाख रुपये तक बताई जाती है। यही वजह है कि इसे दुनिया के सबसे महंगे आमों में शामिल किया जाता है।
विशेष आम अर्पित किए जाने से श्रद्धालुओं में खुशी
रामलला को यह विशेष आम अर्पित किए जाने की खबर सामने आने के बाद श्रद्धालुओं और स्थानीय लोगों में भी काफी उत्साह देखने को मिला। किसान ओमप्रकाश सिंह का कहना है कि उनका उद्देश्य केवल व्यावसायिक लाभ नहीं, बल्कि नई किस्मों को भारतीय जलवायु में सफल बनाने का प्रयास भी है। विशेषज्ञों का मानना है कि अगर यह किस्म अयोध्या और आसपास के क्षेत्रों में सफल होती है, तो भविष्य में किसानों के लिए यह एक लाभकारी विकल्प बन सकती है।