Navy Technician ने ऑनलाइन मंगाया चाकू और फिर प्रेमिका के किए तीन टुकड़े... फ्रिज में लाश देख अफसरों की भी कांप उठी रूह

Edited By Updated: 30 Mar, 2026 01:41 PM

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Married Navy staffer kills lover:  विशाखापत्तनम के गाजुवाका इलाके में एक बंद फ्लैट के भीतर घंटों तक मौत का तांडव चलता रहा, लेकिन दीवार के उस पार पड़ोसियों को भनक तक नहीं लगी। एक नौसेना तकनीशियन (Navy Technician) की घिनौनी करतूत ने न केवल मानवता को...

Married Navy staffer kills lover:  विशाखापत्तनम के गाजुवाका इलाके में एक बंद फ्लैट के भीतर घंटों तक मौत का तांडव चलता रहा, लेकिन दीवार के उस पार पड़ोसियों को भनक तक नहीं लगी। एक नौसेना तकनीशियन (Navy Technician) की घिनौनी करतूत ने न केवल मानवता को शर्मसार किया है, बल्कि पुलिस के भी होश उड़ा दिए हैं। 30 साल के चिंटाडा रविंद्र ने अपनी ही प्रेमिका मौनिका की बेरहमी से हत्या कर दी और उसके शव के साथ जो किया, वह किसी डरावनी फिल्म के मंजर से कम नहीं था।

इस खौफनाक वारदात की पटकथा अचानक नहीं लिखी गई थी। जांच में पता चला है कि रविंद्र ने इस हत्या की तैयारी पहले से ही कर रखी थी। उसने श्रीनगर के बाजारों में चाकू ढूंढे और जब वहां उसकी पसंद के हथियार नहीं मिले, तो उसने ऑनलाइन ऑर्डर देकर उन्हें घर मंगवाया। यह इस बात का सबूत है कि उसके दिमाग में साजिश की आग काफी पहले से जल रही थी।

घटना के दिन रविंद्र का घर खाली था क्योंकि उसकी पत्नी बच्चे के जन्म के बाद अपने मायके गई हुई थी। इसी सन्नाटे का फायदा उठाकर उसने मौनिका को अपने कमरे पर बुलाया। वहां हुई एक मामूली बहस ने खूनी मोड़ ले लिया और कुछ ही पलों में मौनिका की सांसें थम गईं। हत्या के बाद रविंद्र ने लाश को ठिकाने लगाने के लिए उसे तीन हिस्सों में काट दिया। उसने शरीर का एक हिस्सा फ्रिज के ठंडे सन्नाटे में छिपाया, तो दूसरा हिस्सा बोरी में भरकर उसी बिस्तर के नीचे रख दिया जहां वह खुद रहता था। सिर को वह दूर अदाविराम ले गया और वहां सुनसान इलाके में उसे आग के हवाले कर दिया।

हैरानी की बात यह है कि इस पूरी हैवानियत के दौरान पड़ोसियों को कुछ भी असामान्य महसूस नहीं हुआ। जिस कमरे में लाश के टुकड़े पड़े थे, उसके बाहर की दुनिया बिल्कुल सामान्य थी। इस कहानी का अंत किसी फिल्मी फरारी से नहीं, बल्कि एक फोन कॉल और पछतावे से हुआ। गुनाह छिपाने की तमाम कोशिशों के बाद रविंद्र ने अपने एक दोस्त को फोन कर सलाह मांगी। दोस्त की समझाइश पर रविंद्र खुद गाजुवाका थाने पहुंचा और अपना जुर्म कबूल कर लिया। जब पुलिस उस फ्लैट में दाखिल हुई, तो वहां का नजारा देखकर अनुभवी अफसरों की भी रूह कांप गई। आज मौनिका का परिवार टूट चुका है और पूरा शहर इस बात से सन्न है कि एक पढ़ा-लिखा शख्स इतना क्रूर कैसे हो सकता है।

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