Edited By Tanuja,Updated: 29 Mar, 2026 04:21 PM

नेपाल के प्रधानमंत्री बालेन शाह ने Gen-Z आंदोलन में मारे गए 27 छात्रों के परिवारों को सरकारी नौकरी देने का फैसला लागू किया। यह कदम पीड़ित परिवारों को आर्थिक सहारा देने के लिए उठाया गया है, हालांकि विपक्ष जिम्मेदार लोगों पर सख्त कार्रवाई की भी मांग...
International Desk: नेपाल (Nepal) में प्रधानमंत्री बालेन शाह (Balen Shah) ने बड़ा फैसला लेते हुए Gen-Z आंदोलन में मारे गए 27 छात्रों के परिवारों को सरकारी नौकरी देने का ऐलान लागू कर दिया है। 8 सितंबर को हुए इस आंदोलन के दौरान पुलिस फायरिंग में 19 छात्रों की मौके पर मौत हो गई थी, जबकि 8 छात्रों ने बाद में अस्पताल में दम तोड़ दिया। इस घटना के बाद पूरे देश में आक्रोश फैल गया था और सरकार पर लगातार दबाव बन रहा था। प्रधानमंत्री बनने के बाद बालेन शाह ने अपनी पहली कैबिनेट बैठक में इस मुद्दे को प्राथमिकता दी। बैठक में तय किया गया कि सभी पीड़ित परिवारों को सरकारी नौकरी दी जाएगी, ताकि उन्हें आर्थिक सहारा मिल सके।
इस फैसले को लागू करते हुए Nepal Electricity Authority ने 27 परिजनों की सूची जारी की है। इन लोगों को उनकी योग्यता के आधार पर उनके ही जिलों में नौकरी दी जाएगी। सरकार ने कहा है कि चयनित परिजनों को 35 दिनों के भीतर अपने संबंध का प्रमाण देना होगा, जिसके बाद उन्हें नियुक्ति दी जाएगी। यह कदम इसलिए अहम माना जा रहा है क्योंकि सरकार ने चुनाव के दौरान किए गए वादे को जल्दी पूरा किया है। हालांकि विपक्ष और सामाजिक संगठनों का कहना है कि केवल नौकरी देना काफी नहीं है, बल्कि घटना के जिम्मेदार लोगों पर सख्त कार्रवाई भी जरूरी है।