Edited By Parveen Kumar,Updated: 21 Mar, 2026 09:42 PM

उत्तर प्रदेश के झांसी जिले के मऊरानीपुर क्षेत्र से एक ऐसा मामला सामने आया है, जिसने अंतिम संस्कार जैसे भावनात्मक मौके को भी विवाद में बदल दिया। एक 80 वर्षीय बुजुर्ग की मौत के बाद श्मशान घाट पर ही उनके परिवार के दो पक्ष आमने-सामने आ गए, जिससे अंतिम...
नेशनल डेस्क : उत्तर प्रदेश के झांसी जिले के मऊरानीपुर क्षेत्र से एक ऐसा मामला सामने आया है, जिसने अंतिम संस्कार जैसे भावनात्मक मौके को भी विवाद में बदल दिया। एक 80 वर्षीय बुजुर्ग की मौत के बाद श्मशान घाट पर ही उनके परिवार के दो पक्ष आमने-सामने आ गए, जिससे अंतिम संस्कार की प्रक्रिया कुछ समय के लिए रुक गई।
दो परिवारों के बीच पुराना मतभेद
यह घटना मऊरानीपुर थाना क्षेत्र के बड़ागांव के जगनपुरा गांव की बताई जा रही है। मृतक के दो परिवार थे- पहली पत्नी से अलग रहने वाले बच्चे और दूसरी पत्नी के साथ रहने वाला परिवार। बताया जाता है कि बुजुर्ग पिछले कई वर्षों से दूसरी पत्नी और उसके बेटों के साथ रह रहे थे।
श्मशान घाट पर बढ़ा विवाद
अंतिम संस्कार की तैयारियों के दौरान ही दोनों पक्षों के बीच जमीन और अधिकार को लेकर बहस शुरू हो गई। देखते ही देखते मामला इतना बढ़ गया कि चिता को अग्नि देने की प्रक्रिया रोकनी पड़ी। दोनों पक्ष अपने-अपने दावों पर अड़े रहे, जिससे माहौल तनावपूर्ण हो गया।
जमीन बना विवाद की जड़
पहली पत्नी के बेटे ने आरोप लगाया कि पैतृक जमीन के बंटवारे को लेकर स्थिति स्पष्ट नहीं है, इसलिए अंतिम संस्कार से पहले इस पर सहमति जरूरी है। वहीं, दूसरी पत्नी के बेटे का कहना था कि पिता लंबे समय से उनके साथ रह रहे थे और यह पूरी तरह पारिवारिक मामला है।
पुलिस और ग्रामीणों ने कराया हस्तक्षेप
सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और ग्रामीणों की मदद से दोनों पक्षों के बीच बातचीत शुरू कराई। काफी देर तक चली चर्चा के बाद दोनों पक्षों ने आपसी सहमति से विवाद सुलझाने का निर्णय लिया।
समझौते के बाद पूरी हुई अंतिम रस्म
अंततः जमीन से जुड़े मुद्दे पर लिखित सहमति बनने के बाद माहौल शांत हुआ। इसके बाद अंतिम संस्कार की प्रक्रिया दोबारा शुरू की गई और परिजनों ने मिलकर पूरे विधि-विधान से अंतिम संस्कार संपन्न किया।