Edited By Ramanjot,Updated: 20 Jan, 2026 09:04 PM

77वें गणतंत्र दिवस 2026 को लेकर बड़ी जानकारी सामने आ चुकी है। इस साल गणतंत्र दिवस समारोह में यूरोपीय यूनियन के शीर्ष नेता चीफ गेस्ट के तौर पर शामिल होंगे।
Republic Day 2026: 77वें गणतंत्र दिवस 2026 को लेकर बड़ी जानकारी सामने आ चुकी है। इस साल गणतंत्र दिवस समारोह में यूरोपीय यूनियन के शीर्ष नेता चीफ गेस्ट के तौर पर शामिल होंगे। यूरोपीय परिषद के अध्यक्ष एंटोनियो कोस्टा और यूरोपीय आयोग की अध्यक्ष उर्सुला वॉन डेर लेयेन गणतंत्र दिवस परेड में बतौर मुख्य अतिथि मौजूद रहेंगे। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, यह फैसला भारत और यूरोपीय संघ के बीच राजनीतिक, आर्थिक और रणनीतिक रिश्तों को नई मजबूती देने का संकेत है।
25 से 27 जनवरी तक भारत दौरे पर रहेंगे EU के नेता
EU के दोनों वरिष्ठ नेता 25 से 27 जनवरी 2026 तक भारत की राजकीय यात्रा पर रहेंगे। इस दौरान वे भारत–EU शिखर सम्मेलन में हिस्सा लेंगे। गणतंत्र दिवस से जुड़े कार्यक्रमों में शामिल होंगे और भारत के शीर्ष नेतृत्व के साथ अहम बैठकों में भाग लेंगे।
गणतंत्र दिवस के चीफ गेस्ट को बुलाने की परंपरा कब शुरू हुई?
भारत में गणतंत्र दिवस पर चीफ गेस्ट को आमंत्रित करने की परंपरा 1950 से चली आ रही है। यह परंपरा देश के पहले गणतंत्र दिवस से शुरू हुई थी और आज भी निभाई जाती है।गणतंत्र दिवस का चीफ गेस्ट बनना किसी भी विदेशी नेता के लिए भारत का सर्वोच्च सम्मान माना जाता है।
चीफ गेस्ट का चयन कैसे होता है?
गणतंत्र दिवस के चीफ गेस्ट को चुनने की प्रक्रिया आमतौर पर मुख्य समारोह से 6 महीने पहले शुरू हो जाती है। इस दौरान कई अहम बिंदुओं पर विचार किया जाता है, जैसे—
भारत और संबंधित देश या संगठन के राजनयिक संबंध,आर्थिक और रक्षा सहयोग,अंतरराष्ट्रीय मंच पर उस देश या संगठन की भूमिका और भविष्य में भारत के साथ रणनीतिक साझेदारी की संभावना। इन सभी पहलुओं के आधार पर नाम तय किया जाता है।
अंतिम फैसला कौन लेता है?
चीफ गेस्ट के चयन में विदेश मंत्रालय (MEA) की सबसे अहम भूमिका होती है। विदेश मंत्रालय सभी पहलुओं की समीक्षा के बाद नाम को अंतिम रूप देता है और उसी पर आखिरी मुहर लगाई जाती है।
गणतंत्र दिवस पर चीफ गेस्ट को मिलता है क्या खास सम्मान?
गणतंत्र दिवस समारोह में चीफ गेस्ट को विशेष सम्मान दिया जाता है जैसे 21 तोपों की सलामी,राष्ट्रपति भवन में गार्ड ऑफ ऑनर,राष्ट्रपति की ओर से स्पेशल रिसेप्शन इसके अलावा चीफ गेस्ट राजघाट जाकर महात्मा गांधी को श्रद्धांजलि देते हैं। प्रधानमंत्री द्वारा आयोजित सम्मान समारोह में शामिल होते हैं। यही वजह है कि गणतंत्र दिवस का चीफ गेस्ट बनना किसी भी वैश्विक नेता के लिए बेहद खास और ऐतिहासिक अवसर माना जाता है।