Edited By Mansa Devi,Updated: 01 Mar, 2026 02:08 PM

मध्य पूर्व में बढ़ते तनाव का असर अब भारत की हवाई सेवाओं पर भी साफ दिखाई दे रहा है। क्षेत्र के कई देशों ने सुरक्षा कारणों से अपना हवाई क्षेत्र अस्थायी रूप से बंद कर दिया है। इसका सीधा असर अंतरराष्ट्रीय उड़ानों पर पड़ा है, खासकर पश्चिम की ओर जाने वाली...
नेशनल डेस्क: मध्य पूर्व में बढ़ते तनाव का असर अब भारत की हवाई सेवाओं पर भी साफ दिखाई दे रहा है। क्षेत्र के कई देशों ने सुरक्षा कारणों से अपना हवाई क्षेत्र अस्थायी रूप से बंद कर दिया है। इसका सीधा असर अंतरराष्ट्रीय उड़ानों पर पड़ा है, खासकर पश्चिम की ओर जाने वाली फ्लाइट्स पर। सबसे ज्यादा प्रभाव इंदिरा गांधी अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डा पर देखा जा रहा है, जहां बड़ी संख्या में यात्री देरी और रद्द उड़ानों के कारण फंसे हुए हैं।
दिल्ली एयरपोर्ट की एडवाइजरी
मध्य पूर्व में चल रहे राजनीतिक घटनाक्रम को देखते हुए दिल्ली एयरपोर्ट प्रशासन ने नई एडवाइजरी जारी की है। प्रशासन ने बताया है कि पश्चिमी देशों की ओर जाने वाली अंतरराष्ट्रीय उड़ानों में देरी हो सकती है या उनके समय में बदलाव किया जा सकता है।
यात्रियों को सलाह दी गई है कि वे एयरपोर्ट पहुंचने से पहले अपनी-अपनी एयरलाइन से संपर्क कर उड़ान की ताजा स्थिति की जानकारी जरूर लें। रियल-टाइम अपडेट के लिए आधिकारिक वेबसाइट www.newdelhiairport.in पर ही भरोसा करने को कहा गया है। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि किसी भी तरह की अफवाह से बचें और केवल आधिकारिक सूचना चैनलों से मिली जानकारी पर ही विश्वास करें।
उड़ानें क्यों हो रही हैं प्रभावित?
हाल ही में इजरायल और अमेरिका द्वारा ईरान के कुछ ठिकानों पर हमले के बाद मध्य पूर्व में हालात तनावपूर्ण हो गए हैं। सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए कई देशों ने अपने एयरस्पेस में प्रतिबंध लगा दिए हैं। इसके चलते पश्चिम दिशा में जाने वाली कई अंतरराष्ट्रीय उड़ानें या तो रद्द की जा रही हैं या फिर उनके मार्ग और समय में बदलाव किया जा रहा है।
यात्रियों की बढ़ी परेशानी
एयरपोर्ट पर मौजूद कई यात्रियों को घंटों इंतजार करना पड़ रहा है। एक यात्री, जिसे सऊदी अरब जाना था, ने बताया कि उसकी उड़ान रद्द हो गई और वह करीब 14 घंटे से एयरपोर्ट पर इंतजार कर रहा है। उसे अब तक नई उड़ान के बारे में स्पष्ट जानकारी नहीं मिली है। ऐसे कई यात्री हैं जो लगातार बदलते शेड्यूल और रद्द उड़ानों से परेशान हैं।
कितनी उड़ानें हुईं रद्द?
नागरिक उड्डयन मंत्रालय ने पहले ही आशंका जताई थी कि बड़ी संख्या में उड़ानें प्रभावित हो सकती हैं। 28 फरवरी को 410 घरेलू उड़ानें रद्द की गईं। 1 मार्च को 444 उड़ानों के रद्द होने की संभावना जताई गई है। वहीं नागरिक उड्डयन महानिदेशालय (DGCA) ने कहा है कि वह सभी एयरलाइनों के साथ मिलकर स्थिति पर नजर रख रहा है। यात्रियों की सुरक्षा और नियमों के पालन को प्राथमिकता दी जा रही है।