Edited By SHUKDEV PRASAD,Updated: 02 Mar, 2026 10:27 PM

पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 को लेकर सियासी माहौल गरमा गया है। सत्तारूढ़ All India Trinamool Congress (TMC) जहां सत्ता में वापसी की तैयारी कर रही है, वहीं Bharatiya Janata Party (BJP) राज्य में बदलाव के एजेंडे के साथ मैदान में उतर चुकी है।
नेशनल डेस्क: पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 को लेकर सियासी माहौल गरमा गया है। सत्तारूढ़ All India Trinamool Congress (TMC) जहां सत्ता में वापसी की तैयारी कर रही है, वहीं Bharatiya Janata Party (BJP) राज्य में बदलाव के एजेंडे के साथ मैदान में उतर चुकी है।
इसी क्रम में BJP की ‘परिवर्तन यात्रा’ के दौरान पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन ने उत्तर दिनाजपुर जिले के Islampur में आयोजित रैली में बड़ा चुनावी वादा किया। उन्होंने कहा कि अगर राज्य में BJP की सरकार बनती है, तो इस्लामपुर का नाम बदलकर ‘ईश्वरपुर’ कर दिया जाएगा।
परिवर्तन यात्रा के जरिए बदलाव का संदेश
पार्टी नेताओं के अनुसार, लगभग 5,000 किलोमीटर लंबी यह ‘परिवर्तन यात्रा’ राज्य के विभिन्न जिलों से होकर गुजरेगी। इसका उद्देश्य सरकार परिवर्तन के लिए जनसमर्थन जुटाना और कथित तौर पर जनता से जुड़े मुद्दों को उठाना है। रैली में संबोधन के दौरान नितिन नवीन ने समर्थकों से अपील की कि वे परिवर्तन यात्रा को सफल बनाएं और आगामी चुनाव में नई सरकार चुनें।
TMC पर आरोपों की झड़ी
रैली में BJP नेतृत्व ने राज्य सरकार पर कई मुद्दों को लेकर निशाना साधा। पार्टी ने सीमा सुरक्षा, घुसपैठ और कल्याणकारी योजनाओं के क्रियान्वयन जैसे विषयों को प्रमुखता से उठाया। हालांकि, इन आरोपों पर अभी तक TMC की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।
चुनावी रणनीति का हिस्सा?
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि नाम परिवर्तन का मुद्दा BJP की व्यापक चुनावी रणनीति का हिस्सा हो सकता है, जिसमें पहचान, सुरक्षा और विकास जैसे विषयों को प्रमुखता दी जा रही है। संभावना जताई जा रही है कि परिवर्तन यात्रा का समापन Kolkata में एक बड़ी रैली के साथ हो सकता है, जिसमें वरिष्ठ केंद्रीय नेताओं की भागीदारी भी रहेगी।
बढ़ता राजनीतिक तापमान
2026 के विधानसभा चुनाव से पहले इस घोषणा ने राज्य की राजनीति में हलचल तेज कर दी है। आने वाले दिनों में यह मुद्दा चुनावी बहस का केंद्र बन सकता है।