CM भगवंत मान के दो वायरल वीडियो पर BJP नेता आरपी सिंह बोले- खुद उजागर किया अपना फर्जीवाड़ा

Edited By Updated: 26 Jun, 2026 01:20 PM

rp singh on two of cm bhagwant mann he exposed his own fraud

पंजाब के सीएम भगवंत मान के सोशल मीडिया पर वायरल हुए वीडियो को लेकर विपक्षी दलों ने उनके इस्तीफे की मांग की है। इसी के साथ विपक्ष ने यह भी दावा किया है कि मुख्यमंत्री कार्यालय की ओर से जारी किए गए स्पष्टीकरणों ने दावों को सुलझाने के बजाय विवाद को और...

नेशनल डेस्क: पंजाब के सीएम भगवंत मान के सोशल मीडिया पर वायरल हुए वीडियो को लेकर विपक्षी दलों ने उनके इस्तीफे की मांग की है। इसी के साथ विपक्ष ने यह भी दावा किया है कि मुख्यमंत्री कार्यालय की ओर से जारी किए गए स्पष्टीकरणों ने दावों को सुलझाने के बजाय विवाद को और बढ़ा दिया है। सामने आए अलग- अलग वीडियोज पर विपक्ष ने सवाल उठाए हैं। आलोचकों का कहना है कि पहले दिन जारी वीडियो में मुख्यमंत्री निकर (शॉर्ट्स) पहने दिख रहे हैं, जबकि उसके अगले ही दिन सामने आए दूसरे वीडियो में वह ट्रैक पैंट में नजर आ रहे हैं। इसे लेकर बीजेपी के नेशनल स्पोक्सपर्सन आरपी सिंह ने ट्ववीट कर सीएम मान पर निशाना साधा है।

आरपी सिंह ने ट्ववीट कर कहा-

'भगवंत मान जी, झूठ की भी एक सीमा होती है। आपने दो दिनों में दो अलग-अलग वीडियो दिखाकर अपना फर्जीवाड़ा स्वयं ही उजागर कर दिया है। पहले दिन दिखाई गई वीडियो में आप निकर पहनी हुई नज़र आती है, जबकि दूसरे दिन की वीडियो में ट्रैक पैंट में। आपके हर नए बयान के साथ बेअदबी का आरोप और अधिक पुख्ता होता जा रहा है। यदि आपके भीतर जरा भी नैतिकता बची है, तो झूठ और धोखे की राजनीति छोड़िए, श्री अकाल तख्त साहिब के समक्ष पेश होकर अपनी गलती स्वीकार कीजिए, माफी मांगिए और मुख्यमंत्री पद से तत्काल इस्तीफा दीजिए। पंजाब और सिख पंथ सत्य, जवाबदेही और मर्यादा में विश्वास रखते हैं। यदि आपमें थोड़ी सी भी गैरत (आत्मसम्मान) बची है, तो स्वतंत्र और निष्पक्ष जांच से भागने के बजाय उसका सामना कीजिए। सच से भागकर नहीं, बल्कि उसका सामना करके ही अपनी विश्वसनीयता सिद्ध की जा सकती है।'

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बेअदबी के आरोपों और नैतिकता पर उठे सवाल

आलोचकों का ऐसा कहना है कि सीएम के हर नए बयान और विरोधाभासी वीडियो के बाद बेअदबी से जुड़े आरोप और अधिक पुख्ता होते जा रहे हैं। राजनीतिक विरोधियों ने मुख्यमंत्री से नैतिकता के आधार पर "झूठ और धोखे की राजनीति" बंद करने को कहा है। इसके साथ ही, उनसे मुख्यमंत्री पद से तुरंत इस्तीफा देने की मांग की गई है। इसी के साथ उन्होंने सिख मर्यादाओं का हवाला देते हुए विपक्ष ने मांग की है कि मुख्यमंत्री को 'श्री अकाल तख्त साहिब' के समक्ष पेश होना चाहिए और अपनी कथित गलतियों के लिए सार्वजनिक रूप से माफी मांगनी चाहिए।

निष्पक्ष जांच का सामना करने की दी चुनौती

विपक्ष ने पंजाब की संस्कृति और सिख पंथ के मूल्यों का जिक्र करते हुए कहा कि यह राज्य हमेशा सत्य, जवाबदेही और मर्यादा के साथ खड़ा रहा है। मुख्यमंत्री को चुनौती दी गई है कि वे सच से भागने या जांच से बचने के बजाय एक स्वतंत्र और निष्पक्ष जांच का सामना करें, ताकि दूध का दूध और पानी का पानी हो सके। आलोचकों के अनुसार, मुख्यमंत्री केवल जांच का सामना करके ही अपनी राजनीतिक विश्वसनीयता को दोबारा साबित कर सकते हैं। फिलहाल इस मामले पर सत्ताधारी दल या मुख्यमंत्री कार्यालय की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है, लेकिन पंजाब की सियासत में इस मुद्दे पर तनाव चरम पर है।

 


 

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