Edited By Sahil Kumar,Updated: 15 Sep, 2026 01:24 PM

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने मंगलवार को कहा कि जैन धर्म के सबसे महत्वपूर्ण आध्यात्मिक पर्वों में से एक 'संवत्सरी' हमें याद दिलाती है कि क्षमा और करुणा हर रिश्ते को मजबूत बनाते हैं। संवत्सरी श्वेतांबर पर्यूषण पर्व का आखिरी और सबसे पवित्र दिन है।
नई दिल्लीः प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने मंगलवार को कहा कि जैन धर्म के सबसे महत्वपूर्ण आध्यात्मिक पर्वों में से एक 'संवत्सरी' हमें याद दिलाती है कि क्षमा और करुणा हर रिश्ते को मजबूत बनाते हैं। संवत्सरी श्वेतांबर पर्यूषण पर्व का आखिरी और सबसे पवित्र दिन है।
मोदी ने 'एक्स' पर एक पोस्ट में कहा, ''संवत्सरी हमें याद दिलाती है कि क्षमा और करुणा हर रिश्ते को मजबूत बनाते हैं। इस पवित्र मौके पर, विनम्रता हमारा मार्गदर्शन करे और दया एवं सद्भावना हमारे हर कार्य को दिशा दें। मिच्छामि दुक्कड़म्।'' संवत्सरी को अक्सर 'अंतरराष्ट्रीय क्षमा दिवस' के रूप में भी जाना जाता है।
इस दिन श्रद्धालु वार्षिक 'संवत्सरी प्रतिक्रमण' करते हैं। इसमें वे पिछले साल के अपने आचरण पर विचार करते हैं और जाने-अनजाने किसी भी जीव को ठेस या नुकसान पहुंचाने के लिए उससे क्षमा मांगते हुए ''मिच्छामि दुक्कड़म्'' कहते हैं।