Edited By Radhika,Updated: 20 Jan, 2026 03:55 PM

पंजाब में आम आदमी पार्टी (AAP) सरकार और मीडिया समूह 'पंजाब केसरी' के बीच चल रहे विवाद में सुप्रीम कोर्ट का बड़ा फैसला सामने आया है। अदालत के इस निर्णय के बाद राज्य की सियासत गरमा गई है। विपक्ष ने इस फैसले का स्वागत करते हुए अरविंद केजरीवाल और...
नेशनल डेस्क : पंजाब में आम आदमी पार्टी (AAP) सरकार और मीडिया समूह 'पंजाब केसरी' के बीच चल रहे विवाद में सुप्रीम कोर्ट का बड़ा फैसला सामने आया है। अदालत के इस निर्णय के बाद राज्य की सियासत गरमा गई है। विपक्ष ने इस फैसले का स्वागत करते हुए अरविंद केजरीवाल और मुख्यमंत्री भगवंत मान की सरकार पर तीखा हमला बोला है। भाजपा के राष्ट्रीय मीडिया विभाग के प्रमुख अनिल बलूनी ने पंजाब केसरी के पक्ष में आए फैसले को SC का केजरीवाल एंड कंपनी के मुंह पर एक करारा तमाचा करार दिया है।
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अनिल बलूनी ने एक्स पर लिखा- ‘अरविंद केजरीवाल की आम आदमी पार्टी की पंजाब सरकार द्वारा प्रसिद्ध मीडिया समूह 'पंजाब केसरी' पर किये जा रहे लगातार कुठाराघात पर देश की सर्वोच्च अदालत ने पंजाब सरकार के खिलाफ जो निर्णय दिया है, यह अरविंद केजरीवाल एंड कंपनी के मुंह पर करारा तमाचा है। सुप्रीम कोर्ट के निर्णय का स्वागत है। अरविंद केजरीवाल की कठपुतली पंजाब की आम आदमी पार्टी सरकार लगातार लोकतंत्र के चौथे स्तंभ पर दमनचक्र चला रही है। ऐसी जनविरोधी और अलोकतांत्रिक सरकार को सत्ता में बने रहने का कोई हक नहीं है।’
सुप्रीम कोर्ट का रुख और विपक्ष का प्रहार
मीडिया समूह के खिलाफ पंजाब सरकार द्वारा की गई कार्रवाई पर देश की सर्वोच्च अदालत ने सरकार के रुख को अनुचित ठहराया है। विपक्षी नेताओं का कहना है कि यह निर्णय साबित करता है कि पंजाब सरकार अपनी शक्तियों का दुरुपयोग कर रही थी। राजनीतिक गलियारों में इस फैसले को "केजरीवाल एंड कंपनी के मुंह पर करारा तमाचा" बताया जा रहा है।