प्रेस की आजादी पर शर्मनाक हमला, आम आदमी पार्टी को माफ़ी मांगनी पड़ेगी: सिकंदर सिंह मलूका

Edited By Updated: 16 Jan, 2026 08:14 PM

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शिरोमणि अकाली दल के वरिष्ठ नेता और पूर्व मंत्री सिकंदर सिंह मलूका ने कहा कि ‘पंजाब केसरी’ समूह पर सरकार द्वारा की गई कार्रवाई बेहद निंदनीय है।

पंजाब डेस्क: शिरोमणि अकाली दल के वरिष्ठ नेता और पूर्व मंत्री सिकंदर सिंह मलूका ने कहा कि ‘पंजाब केसरी’ समूह पर सरकार द्वारा की गई कार्रवाई बेहद निंदनीय है। यह प्रेस की स्वतंत्रता पर एक शर्मनाक हमला है। उन्होंने कहा कि ‘आप’ सरकार बुरी तरह घबराई हुई है और प्रेस को जबरन दबाना चाहती है। इससे पहले भी ‘आप’ सरकार के नेताओं को माफ़ी मांगनी पड़ी थी और अब भी उन्हें माफ़ी मांगनी होगी।

लोकतंत्र के चौथे स्तंभ मीडिया पर एक बार फिर हमला करते हुए पंजाब की भगवंत मान सरकार पिछले कुछ दिनों से पंजाब केसरी पत्र समूह की आवाज़ दबाने के लिए उनकी प्रिंटिंग प्रेसों और अन्य संस्थानों पर कार्रवाई कर रही है। इसी कड़ी में गुरुवार को समूह की बठिंडा प्रिंटिंग प्रेस पर छापा मारकर पुलिस ने कुछ कर्मचारियों को हिरासत में लिया और कुछ के साथ मारपीट कर उन्हें घायल कर दिया, जिन्हें सिविल अस्पताल बठिंडा में भर्ती कराया गया है।

इसी तरह जालंधर स्थित सूरानुसी प्रिंटिंग प्रेस में प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के वरिष्ठ अधिकारी और कर्मचारी पुलिस बल के साथ जबरन दीवार फांदकर अंदर घुसे और अख़बार के कर्मचारियों के साथ मारपीट की। वरिष्ठ अधिकारियों ने पुलिस के साथ मिलकर अंदर से गेट का ताला तोड़ा, जबरदस्ती सैंपल लिए और एक व्यक्ति को हिरासत में लेकर चले गए। ये सभी अधिकारी बिना किसी नोटिस और सूचना के पहुंचे थे और यह कहते रहे कि “ऊपर से आदेश हैं।”

इस संबंध में पंजाब केसरी प्रबंधन ने स्थिति की जानकारी लिखित रूप में पंजाब के राज्यपाल गुलाब चंद कटारिया और मुख्यमंत्री भगवंत मान को भेज दी है। पत्र में सरकार द्वारा प्रेस पर किए जा रहे हमलों का उल्लेख करते हुए कहा गया है कि, “हम हाल की कुछ घटनाओं को लेकर अपनी गहरी चिंता और पीड़ा व्यक्त करने के लिए यह पत्र लिख रहे हैं। इन घटनाओं से यह गंभीर आशंका पैदा होती है कि पंजाब सरकार एक सुनियोजित उद्देश्य के तहत पंजाब केसरी समूह और उससे जुड़े संस्थानों को विशेष रूप से निशाना बना रही है, जिसका मकसद प्रेस को डराना और दबाव में लेना प्रतीत होता है।”

पत्र में आगे लिखा गया है कि ये घटनाक्रम 31 अक्टूबर, 2025 को प्रकाशित एक खबर से शुरू हुआ, जो पंजाब में सत्ताधारी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक से जुड़े विपक्ष के आरोपों पर आधारित एक संतुलित और निष्पक्ष रिपोर्ट थी। इसके बाद 2 नवंबर, 2025 से पंजाब सरकार ने पंजाब केसरी समूह को दिए जाने वाले सभी सरकारी विज्ञापन बंद कर दिए। उल्लेखनीय है कि पंजाब केसरी समूह पंजाब में सबसे अधिक प्रसार वाले हिंदी और पंजाबी दैनिक प्रकाशित करता है। प्रेस पर इस प्रकार के आर्थिक दबाव के बावजूद हमने स्वतंत्र और निष्पक्ष पत्रकारिता जारी रखी। हालांकि, पिछले कुछ दिनों से पंजाब केसरी और उसके प्रमोटरों के खिलाफ लगातार एक अभियान चलाया जा रहा है।

यह ध्यान में लाना आवश्यक है कि हाल के दिनों में पंजाब केसरी समूह के प्रमोटर चोपड़ा परिवार के विरुद्ध निम्नलिखित कार्रवाइयाँ की गई हैं—

10 जनवरी, 2026 को जालंधर स्थित पार्क प्लाज़ा होटल (चोपड़ा होटल्स प्राइवेट लिमिटेड द्वारा संचालित) पर एफ़.एस.एस.ए.आई. की छापेमारी।
12 जनवरी, 2026 को चोपड़ा होटल्स प्राइवेट लिमिटेड द्वारा संचालित जालंधर के होटल पर जी.एस.टी. विभाग की छापेमारी।
12 जनवरी, 2026 को जालंधर के होटल पर आबकारी विभाग की छापेमारी।
12 जनवरी, 2026 को लुधियाना फोकल प्वाइंट स्थित पंजाब केसरी की प्रेस जगत विजय प्रिंटर्स पर फैक्टरी विभाग के उप-निदेशक एवं श्रम विभाग के सहायक श्रम आयुक्त द्वारा संयुक्त छापेमारी।
12 जनवरी, 2026 को जालंधर सिविल लाइंस स्थित पंजाब केसरी प्रिंटिंग प्रेस पर फैक्टरी विभाग के उप-निदेशक एवं श्रम विभाग के सहायक श्रम आयुक्त द्वारा संयुक्त छापेमारी।
13 जनवरी, 2026 को जालंधर स्थित चोपड़ा होटल्स प्राइवेट लिमिटेड द्वारा संचालित होटल पर प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की छापेमारी।
13 जनवरी, 2026 को जालंधर ज़ोन के कलेक्टर-कम-आबकारी विभाग द्वारा लाइसेंस रद्द करने हेतु कारण बताओ नोटिस जारी किया गया तथा 14 जनवरी, 2026 को लाइसेंस रद्द कर दिए गए।
14 जनवरी, 2026 को जालंधर स्थित होटल की बिजली आपूर्ति काट दी गई।
15 जनवरी, 2026 को जालंधर स्थित चोपड़ा होटल का जनरेटर सील कर बिजली आपूर्ति पूरी तरह ठप कर दी गई।
15 जनवरी, 2026 को लुधियाना, बठिंडा और जालंधर स्थित प्रिंटिंग प्रेसों पर प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड द्वारा छापेमारी एवं कार्रवाई।

इन कार्रवाइयों के कारण यह आशंका है कि 15 जनवरी, 2026 से जालंधर, लुधियाना और बठिंडा स्थित विभिन्न प्रिंटिंग प्रेसों का संचालन प्रभावित हो सकता है या पूरी तरह बंद किया जा सकता है। सुरानुसी (जालंधर), फोकल प्वाइंट (लुधियाना) और आई.जी.सी. बठिंडा स्थित प्रेस परिसरों के बाहर भारी पुलिस बल तैनात किया गया है।

जैसा कि आप जानते हैं, स्वर्गीय लाला जगत नारायण जी ने वर्ष 1949 में हिंद समाचार की स्थापना की थी और पंजाब केसरी का प्रकाशन 1965 में आरंभ हुआ। प्रेस की स्वतंत्रता के प्रति हमारी प्रतिबद्धता सर्वविदित है। स्वर्गीय लाला जगत नारायण, स्वर्गीय श्री रमेश चंद्र चोपड़ा सहित हमारे 60 से अधिक कर्मचारी, एजेंट, हाकर और पत्रकार पंजाब में आतंकवाद के दौर में निर्भीक पत्रकारिता के कारण अपने प्राणों की आहुति दे चुके हैं और अनेक घायल हुए हैं। इसके बावजूद, अख़बार ने कभी दबाव के आगे घुटने नहीं टेके और आगे भी स्वतंत्र रूप से रिपोर्टिंग करता रहेगा।

इस प्रकार की निशाना बनाकर की गई कार्रवाइयाँ, जिनमें विभिन्न विभाग पूर्वनियोजित मंशा के साथ हमारे कार्य-संचालन को प्रभावित कर रहे हैं, स्पष्ट रूप से डराने-धमकाने के उद्देश्य से की गई प्रतीत होती हैं।

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