दिवाली से पहले मिल सकता है तोहफा, Maruti से लेकर Tata तक ये गाड़ियां हो जाएंगी इतनी सस्ती!

Edited By Updated: 18 Aug, 2025 03:31 PM

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भारत में एक बार फिर से छोटी कारों की मांग में तेजी आ सकती है। सरकार आगामी GST रिफॉर्म में छोटी कारों पर टैक्स घटाने पर विचार कर रही है, जिससे एंट्री-लेवल कारें पहले से सस्ती हो सकती हैं। इससे मारुति सुजुकी, टाटा मोटर्स और हुंडई जैसी कंपनियों को बड़ा...

नेशनल डेस्क: भारत में एक बार फिर से छोटी कारों की मांग में तेजी आ सकती है। सरकार आगामी GST रिफॉर्म में छोटी कारों पर टैक्स घटाने पर विचार कर रही है, जिससे एंट्री-लेवल कारें पहले से सस्ती हो सकती हैं। इससे मारुति सुजुकी, टाटा मोटर्स और हुंडई जैसी कंपनियों को बड़ा फायदा हो सकता है, जिनके पोर्टफोलियो में छोटी और किफायती कारें प्रमुख हैं।

सरकार कर सकती है टैक्स में कटौती
जानकारी के मुताबिक, प्रस्तावित GST सिस्टम में छोटी कारों को 18% टैक्स स्लैब में लाया जा सकता है। फिलहाल इस पर 28% GST और 1% सेस यानी कुल 29% टैक्स लगता है। अगर नया स्लैब लागू होता है, तो टैक्स का बोझ काफी कम हो जाएगा। छोटी कारों की परिभाषा में वे गाड़ियां आती हैं जिनकी लंबाई 4 मीटर से कम और इंजन क्षमता 1200cc से कम होती है। इसके उलट, बड़ी कारों और SUVs पर अब 40% का स्पेशल टैक्स लगाया जाएगा, जो वर्तमान में 43-50% तक है।

PM मोदी ने किया था ऐलान
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने स्वतंत्रता दिवस के भाषण में कहा था कि सरकार अगली पीढ़ी का GST सुधार लेकर आ रही है। इसके तहत दो स्लैब रखने का प्रस्ताव है—5% और 18%। 12% और 28% स्लैब को हटाने की योजना है। उन्होंने कहा कि यह दिवाली से पहले देशवासियों के लिए एक बड़ा तोहफा होगा।

कितनी सस्ती हो जाएंगी कारें?
मार्केट एक्सपर्ट्स के मुताबिक, अगर GST में 11% की कटौती होती है तो छोटी कारों की एक्स-शोरूम कीमत 12-12.5% तक घट सकती है। इससे खरीदारों को प्रति कार 20,000 से 25,000 रुपये तक की बचत हो सकती है। यह फायदा केवल हैचबैक कारों तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि Tata Punch और Hyundai Exter जैसी छोटी SUVs को भी इसका लाभ मिलेगा।

बिक्री में गिरावट, SUVs की बढ़ती हिस्सेदारी
वित्त वर्ष 2025 में कॉम्पैक्ट कारों और हैचबैक की बिक्री में 13% की गिरावट दर्ज की गई और यह लगभग 10 लाख यूनिट तक रह गई। वहीं, SUVs की बिक्री 10.2% बढ़कर 23.5 लाख यूनिट तक पहुंच गई। पैसेंजर व्हीकल बाजार में छोटी कारों की हिस्सेदारी लगातार 5वें साल घटकर 21% रह गई है। इसके पीछे सबसे बड़ा कारण सेफ्टी और उत्सर्जन नियमों के चलते बढ़ी लागत है, जिससे छोटी कारों की कीमतें 30-40% तक बढ़ गई हैं।

मारुति सुजुकी के मार्केटिंग और सेल्स हेड पार्थो बनर्जी के अनुसार, "ऊंची कीमतों की वजह से एंट्री-लेवल ग्राहक कार खरीदने से पीछे हट रहे हैं।"

कौन-कौन सी कारें होंगी सस्ती?
मारुति, टाटा और हुंडई जैसी कंपनियों की जिन कारों पर इसका सीधा असर पड़ेगा, उनमें शामिल हैं:

मारुति सुजुकी: Swift, FRONX, Dzire, Baleno, Wagon R, Ignis, Alto K10, Eeco, Celerio

हुंडई: i20, i10, Exter, Aura

टाटा मोटर्स: Punch, Tiago

किसे होगा फायदा?
मारुति, टाटा और हुंडई जैसी कंपनियां जो 1200cc तक की कारें बेचती हैं, उन्हें इस टैक्स कटौती से बड़ा फायदा होगा। जुलाई महीने में मारुति की सालाना ग्रोथ सिर्फ 0.2%, हुंडई की बिक्री 10.3% घटी, और टाटा मोटर्स की 11.6% तक गिर गई। अगर टैक्स में कटौती होती है, तो इन कंपनियों की हैचबैक कारों की बिक्री में फिर से इजाफा हो सकता है। वहीं, SUVs की बढ़ती डिमांड का फायदा महिंद्रा को मिला है, जिसका पोर्टफोलियो मुख्यतः SUV आधारित है।

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