Edited By Ramkesh,Updated: 27 Jul, 2026 02:34 PM

सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक को गुरुग्राम स्थित मेदांता अस्पताल से छुट्टी दे दी गई है। अस्पताल ने बताया कि इलाज के बाद उनकी स्वास्थ्य स्थिति स्थिर है और उन्हें नियमित जांच के लिए आउटपेशेंट विभाग में फॉलो-अप की सलाह दी गई है।
नेशनल डेस्क: सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक को गुरुग्राम स्थित मेदांता अस्पताल से छुट्टी दे दी गई है। अस्पताल ने बताया कि इलाज के बाद उनकी स्वास्थ्य स्थिति स्थिर है और उन्हें नियमित जांच के लिए आउटपेशेंट विभाग में फॉलो-अप की सलाह दी गई है। गुरुग्राम के मेदांता अस्पताल ने सोमवार को जारी बयान में बताया कि सोनम वांगचुक, जिन्हें 21 जुलाई 2026 को अस्पताल में भर्ती कराया गया था, उन्हें अब छुट्टी दे दी गई है।
अस्पताल के अनुसार, उनका उपचार इंटरनल मेडिसिन, क्रिटिकल केयर और अन्य संबंधित विशेषज्ञ विभागों की संयुक्त निगरानी में एक समन्वित उपचार प्रोटोकॉल के तहत किया गया। अस्पताल ने कहा कि छुट्टी के समय उनकी स्थिति पूरी तरह स्थिर थी। बयान में कहा गया कि सोनम वांगचुक पूरी तरह होश में थे और उनके सभी महत्वपूर्ण स्वास्थ्य संकेतक, जैसे ब्लड प्रेशर, नाड़ी (पल्स) और अन्य वाइटल साइन्स, सामान्य सीमा में पाए गए। मेदांता अस्पताल ने उन्हें आगे की निगरानी के लिए आउटपेशेंट विभाग (OPD) में नियमित फॉलो-अप कराने की सलाह दी है।
आप को बता दें कि सोनम वांगचुक 28 जून 2026 से अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल पर बैठे थे। उन्होंने यह अनशन प्रतियोगी परीक्षाओं में कथित पेपर लीक के मुद्दे पर छात्रों के समर्थन में और शिक्षा व्यवस्था में सुधार की मांग को लेकर शुरू किया था। 24 जुलाई 2026 लगभग 26 दिन बाद उन्होंने केंद्रीय मंत्रियों जे.पी. नड्डा और डॉ. जितेंद्र सिंह से बातचीत के बाद अपना अनशन समाप्त किया।