Edited By Ramanjot,Updated: 07 Mar, 2026 12:09 PM

7 और 8 मार्च 2026 को ब्रह्मांड में एक दुर्लभ 'कंजंक्शन' देखने को मिलेगा, जिसमें शुक्र, शनि और वरुण (नेपच्यून) एक सीध में बेहद करीब नजर आएंगे। खगोलविदों के अनुसार, 7 मार्च को शुक्र-वरुण और 8 मार्च को शुक्र-शनि की युति होगी।
नेशनल डेस्क: खगोल प्रेमियों के लिए मार्च का यह सप्ताहांत बेहद खास होने वाला है। सौरमंडल के तीन प्रमुख ग्रह- शुक्र, शनि और वरुण (नेपच्यून) एक दुर्लभ खगोलीय मेल (कंजंक्शन) बनाने जा रहे हैं। 7 और 8 मार्च की शाम को ये तीनों ग्रह पश्चिमी आकाश में एक-दूसरे के इतने करीब नजर आएंगे कि इन्हें एक ही फ्रेम में देखा जा सकेगा।
दो दिन, दो बड़े मिलन
खगोलविद अमर पाल सिंह के अनुसार, यह घटना दो चरणों में घटित होगी:
7 मार्च: सबसे पहले शुक्र और वरुण (नेपच्यून) का मिलन होगा। इनके बीच की दूरी महज 0.04° होगी, जो तकनीकी रूप से अत्यंत निकट है।
8 मार्च: दूसरे दिन शुक्र और शनि एक-दूसरे के करीब आएंगे। इनके बीच लगभग 1 डिग्री की दूरी होगी, जो आसमान में एक उंगली की चौड़ाई के बराबर दिखाई देती है।
भारत में देखने का समय और तरीका
भारतीय दर्शकों के लिए यह नजारा सूर्यास्त के ठीक बाद दिखाई देगा।
समय: शाम लगभग 6:00 बजे से लेकर अगले 30-40 मिनट तक।
दिशा: पश्चिमी क्षितिज (Western Horizon) के पास।
चूंकि ये ग्रह क्षितिज से केवल 10°-15° की ऊंचाई पर होंगे, इसलिए ये जल्द ही अस्त हो जाएंगे। अवलोकन के लिए बहुत कम समय (Short Window) मिलेगा।
किसे कैसे देखें?
ग्रहों की चमक और दूरी के आधार पर उन्हें देखने के अनुभव अलग-अलग होंगे:
| ग्रह |
दृश्यता (Visibility) |
स्वरूप |
| शुक्र (Venus) |
बहुत स्पष्ट (नग्न आंखों से) |
सबसे चमकीला, सफेद 'तारे' जैसा (-3.8 मैग्नीट्यूड) |
| शनि (Saturn) |
हल्का धुंधला (नग्न आंखों/बाइनोक्युलर) |
शुक्र के पास थोड़ा कम चमक वाला (1.0 मैग्नीट्यूड)।
|
वरुण (Neptune) |
केवल टेलिस्कोप से |
नग्न आंखों से अदृश्य, वायुमंडलीय हलचल के कारण इसे ढूंढना चुनौतीपूर्ण होगा। |