Edited By Radhika,Updated: 15 Apr, 2026 01:19 PM

Supreme Court ने बुधवार को Telangana High Court द्वारा कांग्रेस नेता Pawan Khera को दी गई एक सप्ताह की ट्रांजिट अग्रिम जमानत (एंटिसिपेटरी बेल) पर रोक लगा दी। साथ ही अदालत ने असम सरकार की याचिका पर खेरा को नोटिस जारी करते हुए तीन सप्ताह में जवाब...
नेशनल डेस्क: Supreme Court ने बुधवार को Telangana High Court द्वारा कांग्रेस नेता Pawan Khera को दी गई एक सप्ताह की ट्रांजिट अग्रिम जमानत (एंटिसिपेटरी बेल) पर रोक लगा दी। साथ ही अदालत ने असम सरकार की याचिका पर खेरा को नोटिस जारी करते हुए तीन सप्ताह में जवाब मांगा है। न्यायमूर्ति J K Maheshwari और Atul S Chandurkar की पीठ ने कहा कि “नोटिस जारी किया जाता है। इस बीच संबंधित आदेश पर रोक रहेगी।” हालांकि अदालत ने यह भी स्पष्ट किया कि यदि पवन खेरा असम में सक्षम अदालत के समक्ष अग्रिम जमानत के लिए आवेदन करते हैं, तो सुप्रीम कोर्ट का यह आदेश उस प्रक्रिया में बाधा नहीं बनेगा।
यह मामला तब सामने आया जब असम पुलिस ने तेलंगाना हाईकोर्ट द्वारा 10 अप्रैल से एक सप्ताह के लिए दी गई ट्रांजिट अग्रिम जमानत को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी। हाईकोर्ट ने अपने आदेश में कहा था कि खेरा को असम की सक्षम अदालत में जाकर कानून के अनुसार राहत लेनी होगी। दरअसल, यह मामला Riniki Bhuyan Sarma द्वारा दर्ज कराई गई शिकायत से जुड़ा है। शिकायत में आरोप लगाया गया कि पवन खेरा ने उनके पासपोर्ट और संपत्ति से संबंधित कथित तौर पर गलत और भ्रामक बयान दिए।
खेरा ने आरोप लगाया था कि असम के मुख्यमंत्री Himanta Biswa Sarma की पत्नी के पास भारत, यूएई और मिस्र के तीन पासपोर्ट हैं, साथ ही दुबई में अघोषित लग्जरी संपत्तियां और अमेरिका के व्योमिंग में एक कंपनी भी है। हालांकि सरमा परिवार ने इन आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए इन्हें “एआई से तैयार फर्जी दस्तावेज” बताया है, जिन्हें पाकिस्तानी सोशल मीडिया समूहों द्वारा फैलाया गया। इससे पहले मुख्यमंत्री हिमंत बिस्व सरमा ने इन आरोपों पर कड़ी प्रतिक्रिया देते हुए सख्त कार्रवाई की चेतावनी भी दी थी।