Edited By Sahil Kumar,Updated: 23 Feb, 2026 05:35 PM

एलसीए तेजस फाइटर जेट के क्रैश की खबरों को हिन्दुस्तान ऐरोनॉटिक्स लिमिटेड (HAL) ने खारिज कर दिया है। कंपनी ने स्पष्ट किया कि विमान दुर्घटनाग्रस्त नहीं हुआ, बल्कि लैंडिंग के दौरान जमीन पर मामूली तकनीकी खराबी आई थी। सोशल मीडिया पर 7 फरवरी को फॉरवर्ड...
नेशनल डेस्कः भारतीय वायुसेना के एलसीए तेजस फाइटर जेट के कथित क्रैश को लेकर चल रही अटकलों के बीच हिन्दुस्तान ऐरोनॉटिक्स लिमिटेड (HAL) ने स्थिति स्पष्ट की है। कंपनी ने आधिकारिक बयान जारी कर कहा है कि तेजस विमान दुर्घटनाग्रस्त नहीं हुआ, बल्कि लैंडिंग के दौरान रनवे पर मामूली तकनीकी खराबी आई थी, जिसे कुछ मीडिया रिपोर्टों में गलत तरीके से ‘क्रैश’ बताया गया।
भारतीय वायुसेना के हल्के लड़ाकू विमान (LCA) तेजस को लेकर हाल ही में सामने आई क्रैश की खबरों पर हिन्दुस्तान ऐरोनॉटिक्स लिमिटेड (HAL) ने आधिकारिक प्रतिक्रिया दी है। कंपनी ने स्पष्ट किया है कि तेजस विमान के दुर्घटनाग्रस्त होने की खबरें पूरी तरह निराधार हैं और ऐसी कोई घटना नहीं हुई है। HAL ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर जारी बयान में कहा कि कुछ मीडिया रिपोर्टों में तेजस फाइटर जेट के क्रैश की बात कही गई थी, जबकि वास्तविकता यह है कि विमान के साथ जमीन पर लैंडिंग के दौरान एक मामूली तकनीकी समस्या आई थी। कंपनी ने साफ किया कि इसे दुर्घटना या क्रैश कहना गलत है।
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HAL ने इन सभी दावों को किया खारिज
कंपनी के अनुसार, एलसीए तेजस विश्वस्तरीय तकनीक से लैस लड़ाकू विमान है और इसका सुरक्षा रिकॉर्ड काफी बेहतर रहा है। मानक प्रक्रियाओं के तहत इस तकनीकी गड़बड़ी की विस्तृत जांच की जा रही है। HAL और भारतीय वायुसेना मिलकर मामले की समीक्षा कर रहे हैं, ताकि भविष्य में ऐसी स्थिति से बचा जा सके। दरअसल, सोशल मीडिया पर यह अफवाह फैली थी कि 7 फरवरी को पाकिस्तान सीमा के पास स्थित एक फॉरवर्ड एयरबेस पर प्रशिक्षण उड़ान के बाद लैंडिंग के दौरान तेजस जेट दुर्घटनाग्रस्त हो गया। यह भी दावा किया गया कि पायलट ने इजेक्ट कर अपनी जान बचाई। हालांकि HAL ने इन सभी दावों को सिरे से खारिज कर दिया है।
दो वर्षों में 2 हादसे
गौरतलब है कि पिछले दो वर्षों में तेजस से जुड़े दो अलग-अलग हादसे सामने आए थे। मार्च 2024 में राजस्थान के जैसलमेर में एक तेजस विमान दुर्घटनाग्रस्त हुआ था, जिसमें पायलट सुरक्षित बाहर निकल आया था। वहीं, 2025 में दुबई एयर शो के दौरान एक और हादसा हुआ था, जिसमें पायलट की मृत्यु हो गई थी। उस घटना की जांच अब भी जारी है। वर्तमान में भारतीय वायुसेना के बेड़े में 38 तेजस विमान सेवा में हैं। लगभग 80 विमानों का निर्माण जारी है, जिनमें से 10 विमान डिलीवरी के लिए तैयार बताए गए हैं। वायुसेना ने 180 तेजस एमके-1ए लड़ाकू विमानों का ऑर्डर दिया है, हालांकि उनकी आपूर्ति तय समय से करीब दो वर्ष विलंबित बताई जा रही है।