Edited By Radhika,Updated: 08 Jun, 2026 06:23 PM

भारतीय रेलवे अपने यात्रियों के सफर को सुगम बनाने के लिए टिकटिंग के इतिहास का सबसे बड़ा अपग्रेड करने जा रहा है। ऐसी संभावना जताई जा रही है कि अगस्त से यह बदलाव किया जा सकता है। इसमें पुराने पारंपरिक पैसेंजर रिजर्वेशन सिस्टम (PRS) को पूरी तरह बदला...
नेशनल डेस्क: भारतीय रेलवे अपने यात्रियों के सफर को सुगम बनाने के लिए टिकटिंग के इतिहास का सबसे बड़ा अपग्रेड करने जा रहा है। ऐसी संभावना जताई जा रही है कि अगस्त से यह बदलाव किया जा सकता है। इसमें पुराने पारंपरिक पैसेंजर रिजर्वेशन सिस्टम (PRS) को पूरी तरह बदला जाएगा। यानि की अब आपको आधुनिक डिजिटल प्लेटफॉर्म में AI तकनीक, बेजोड़ सर्वर क्षमता और बिजली की रफ्तार से टिकट बुकिंग जैसी अत्याधुनिक सुविधाएं मिलेंगी।
1986 के मॉडल से 2026 के AI युग में एंट्री
वर्तमान में इंडियन रेलवे 1986 मॉडल पर काम कर रहा है। इसी के साथ साल 2002 में शुरु हुई इंटरनेट टिंकटिंग के बाद से देश में 88% से ज्यादा रेल टिकट ऑनलाइन बुक होने लगे। इसी भारी डिजिटल ट्रैफिक और यात्रियों की मांग को संभालने के लिए रेलवे ने यह नया सिस्टम विकसित किया है।

नए सिस्टम की ये होंगी बड़ी खूबियां
- AI करेगा Ticket Confirmation Prediction: अगर आप अपनी टिकट बुकिंग के दौरान वेटिंग मिलती है तो AI आपको इसके लिए सही अनुमान देगी कि आपकी टिकट कंफर्म होने की कितनी संभावना है। इससे यात्रियों को मौके पर भागदौड़ से राहत मिलेगी।
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- बेहतर यूजर इंटरफेस : यात्रियों के लिए ऐप या वेबसाइट पर जाकर ट्रेनें खोजना, उपलब्ध सीटें देखना और पेमेंट करके बुकिंग पूरी करने का पूरा प्रोसेस पहले से कहीं ज्यादा आसान बनेगा।
- नो-रुकावट ट्रांसफर : रेल मंत्रालय ने आदेश जारी करते हुए कहा कि इस नए सिस्टम को स्टेप-बॉय-स्टेप लागू किया जाएगा, ताकि यात्रियों को कोई भी असुविधा न हो। यानि की पुरानी व्यवस्था से नई व्यवस्था में ट्रेनों का ट्रांसफर चरणबद्ध तरीके से किया जाएगा।
- टेक टेकअवे: रेलवे का यह कदम देश के डिजिटल पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत करने की दिशा में एक बड़ा मील का पत्थर साबित होगा, जहाँ 40 साल पुरानी तकनीक की जगह अब पूरी तरह 'मशीन लर्निंग' और आधुनिक सर्वर ले रहे हैं।