80 लोगों की मौत... श्रीलंका तट के पास ईरानी जहाज से टकराने से हुआ हादसा

Edited By Updated: 04 Mar, 2026 07:29 PM

the accident occurred after a collision with an iranian ship off the sri lankan

हिंद महासागर से आई एक बड़ी और चौंकाने वाली खबर ने अंतरराष्ट्रीय राजनीति में हलचल मचा दी है। श्रीलंका के पास समुद्री क्षेत्र में एक ईरानी युद्धपोत के डूबने की घटना अब खुलकर सामने आ गई है। श्रीलंका के उप विदेश मंत्री ने स्थानीय टीवी चैनल पर बताया कि...

नेशनल डेस्क : हिंद महासागर से आई एक बड़ी और चौंकाने वाली खबर ने अंतरराष्ट्रीय राजनीति में हलचल मचा दी है। श्रीलंका के पास समुद्री क्षेत्र में एक ईरानी युद्धपोत के डूबने की घटना अब खुलकर सामने आ गई है। श्रीलंका के उप विदेश मंत्री ने स्थानीय टीवी चैनल पर बताया कि इस हादसे में कम से कम 80 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि कई अन्य अब भी लापता बताए जा रहे हैं। यह बयान तब आया जब अमेरिकी रक्षा मंत्री Pete Hegseth ने पुष्टि की कि एक अमेरिकी सैन्य सबमरीन ने श्रीलंका के दक्षिणी तट के पास ईरानी युद्धपोत पर हमला किया था।

40 नॉटिकल मील दूर जारी हुआ था डिस्ट्रेस कॉल

श्रीलंका के विदेश मंत्री Vijitha Herath ने संसद में जानकारी दी कि मौज-क्लास फ्रिगेट IRIS Dena पर करीब 180 लोग सवार थे। जहाज़ ने डूबने से पहले श्रीलंका से लगभग 40 नॉटिकल मील दूर एक आपातकालीन संदेश (डिस्ट्रेस कॉल) भेजा था। कुछ ही घंटों बाद श्रीलंकाई अधिकारियों ने पुष्टि की कि अंतरराष्ट्रीय समुद्री क्षेत्र में यह युद्धपोत समुद्र में समा गया।

भारत से लौट रहा था ईरानी जहाज

बताया जा रहा है कि IRIS डेना हाल ही में भारत में आयोजित इंटरनेशनल फ्लीट रिव्यू 2026 और MILAN 2026 नौसैनिक अभ्यास में हिस्सा लेकर लौट रहा था। इससे दो हफ्ते पहले विशाखापत्तनम में भारतीय नौसेना ने इस जहाज़ का स्वागत भी किया था। इस पृष्ठभूमि ने घटना को और भी संवेदनशील बना दिया है, क्योंकि जहाज़ क्षेत्रीय सहयोग कार्यक्रम से लौट रहा था।

रेस्क्यू ऑपरेशन जारी, कई अब भी लापता

श्रीलंकाई नौसेना के प्रवक्ता कमांडर बुद्धिका संपत ने बताया कि अब तक 32 लोगों को समुद्र से सुरक्षित निकाला गया है, जबकि कई शव बरामद किए गए हैं। घायलों का इलाज गाले के सरकारी अस्पताल में चल रहा है। उन्होंने कहा कि बचाव अभियान तब तक जारी रहेगा जब तक सभी संभावित जीवित लोगों की तलाश पूरी नहीं हो जाती। घटनास्थल पर पहुंची टीमों को समुद्र में तेल की परत दिखाई दी, लेकिन जहाज़ का कोई स्पष्ट मलबा नजर नहीं आया।

पहले थी अटकलें, अब अमेरिकी पुष्टि

अमेरिकी पुष्टि से पहले श्रीलंका के रक्षा सूत्रों ने संकेत दिया था कि जहाज़ पर संभवतः किसी सबमरीन ने हमला किया हो सकता है, लेकिन यह स्पष्ट नहीं था कि जिम्मेदार कौन है। अब अमेरिकी रक्षा मंत्री की पुष्टि के बाद मामला अंतरराष्ट्रीय स्तर पर और गंभीर हो गया है। यह घटनाक्रम ऐसे समय सामने आया है जब क्षेत्र में पहले से ही तनाव चरम पर है।

Related Story

Trending Topics

img title
img title

Be on the top of everything happening around the world.

Try Premium Service.

Subscribe Now!