Edited By Ramkesh,Updated: 16 Apr, 2026 06:52 PM

उत्तराखंड की विश्व प्रसिद्ध ग्रीष्मकालीन चारधाम यात्रा की तैयारियों के संदर्भ में गुरुवार को राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल (सेवानिवृत्त) गुरमीत सिंह ने लोक भवन में बैठक ली, जिसमें शासन के वरिष्ठ अधिकारियों सहित चारधाम यात्रा से जुड़े जिलाधिकारी, वरिष्ठ...
नेशनल डेस्क: उत्तराखंड की विश्व प्रसिद्ध ग्रीष्मकालीन चारधाम यात्रा की तैयारियों के संदर्भ में गुरुवार को राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल (सेवानिवृत्त) गुरमीत सिंह ने लोक भवन में बैठक ली, जिसमें शासन के वरिष्ठ अधिकारियों सहित चारधाम यात्रा से जुड़े जिलाधिकारी, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक एवं अन्य विभागीय अधिकारी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से उपस्थित रहे। राज्यपाल ने कहा कि ये यात्रा केवल प्रशासनिक दायित्व नहीं, बल्कि एक आध्यात्मिक एवं सांस्कृतिक उत्तरदायित्व है, जिसे पूर्ण समर्पण और संवेदनशीलता के साथ संपादित किया जाना चाहिए।
ड्यूटी पूर्ण निष्ठा, संवेदनशीलता के साथ हो
उन्होंने कहा कि इस दौरान दी गई जिम्मेदारी को केवल पूर्वाह्न नौ से पांच बजे तक की ड्यूटी के रूप में नहीं देखा जाना चाहिए, बल्कि इसे पूर्ण निष्ठा, संवेदनशीलता एवं समर्पण के साथ संपादित किया जाना आवश्यक है। उन्होंने कहा कि यात्रा में आने वाले श्रद्धालुओं के स्वागत, सेवा एवं आतिथ्य इस भाव से की जानी चाहिए कि वे यहां से सुखद एवं अविस्मरणीय अनुभव लेकर लौटें। लेफ्टिनेंट जनरल सिंह ने साइबर अपराधों, विशेष रूप से फर्जी हेलीकॉप्टर बुकिंग, ओवर रेटिंग और होटल बुकिंग धोखाधड़ी आदि के मामलों पर ऐसे लोगों पर निगरानी एवं उनके विरुद्ध सख्त कारर्वाई के निर्देश दिए।
सोशल मीडिया पर फैलने वाले के खिलाफ हो कार्रवाई
उन्होंने कहा कि आवश्यक सेवाओं की कीमतों में अनुचित वृद्धि करने वालों के विरुद्ध कठोर कारर्वाई की जाए। उन्होंने सोशल मीडिया पर फैलने वाली भ्रामक एवं नकारात्मक सूचनाओं पर नियंत्रण को प्रभावी तंत्र विकसित करने के निर्देश दिए। राज्यपाल सिंह ने नवाचार और रचनात्मकता को प्रोत्साहित करते हुए कहा कि यात्रा प्रबंधन में नए उपायों को अपनाया जाए।
आकस्मिक परिस्थितियों के लिए वैकल्पिक व्यवस्थाएं हो
उन्होंने यह भी कहा कि चारधाम यात्रा से स्थानीय अर्थव्यवस्था को सशक्त बनाने का अवसर मिलता है, जिससे स्वयं सहायता समूह, होमस्टे संचालक एवं स्थानीय उद्यमी लाभान्वित होते हैं, जिसका विशेष ध्यान रखा जाय। उन्होंने कहा कि यात्रा को सहज, सुगम एवं सुव्यवस्थित ढंग से संचालित करने के लिए विभिन्न विभागों के बीच प्रभावी समन्वय अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने अधिकारियों को यह भी निर्देश दिए कि सभी संभावित आकस्मिक परिस्थितियों के लिए पूर्व तैयारी और वैकल्पिक व्यवस्थाएं भी सुनिश्चित की जानी चाहिए।
यात्रियों का हो स्वास्थ्य परीक्षण
उन्होंने विशेष रूप से 60 वर्ष से अधिक आयु के यात्रियों के स्वास्थ्य परीक्षण एवं निगरानी पर जोर देते हुए उन्होंने हृदय संबंधी समस्याओं के प्रति सतकर् रहने के निर्देश दिए। सिंह ने कहा कि जिला प्रशासन इस पूरी व्यवस्था की धुरी है और जिलाधिकारी एवं वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक को सभी संबंधित विभागों के साथ समन्वय स्थापित करते हुए कार्य करना चाहिए। उन्होंने जिलाधिकारियों से कहा कि पूर्व सैनिक, रेड क्रॉस, एनसीसी और एनएसएस जैसे संगठनों की सक्रिय भागीदारी के प्रयास किए जाए।
बैठक में प्रमुख सचिव एल. फैनई, सचिव शैलेश बगोली, रविनाथ रामन, पंकज पाण्डेय, डॉ. बी वी आर सी पुरुषोत्तम, रणवीर सिंह चौहान, विनोद कुमार सुमन, धीराज गर्ब्याल, विधि परामर्शी राज्यपाल कौशल किशोर शुक्ल, कमिश्नर गढ़वाल विनय शंकर पाण्डेय, अपर सचिव आशीष चौहान, रोहित मीणा, आईजी गढ़वाल राजीव स्वरूप सहित चारधाम यात्रा से जुड़े विभागीय अधिकारी उपस्थित रहे।