विपक्ष को कल जोर का झटका लगा और आगे भी लगेंगे: शिंदे

Edited By Updated: 23 Jun, 2026 05:41 PM

the opposition suffered a severe blowwill face more in the future shinde

महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने शिवसेना (उबाठा) के लोकसभा सांसदों के टूटने के बाद विधानसभा में दिखी फूट को लेकर मंगलवार को मखौल उड़ाते हुए कहा कि विपक्षी सदस्य 'जोर का झटका' लगने की वजह से अपना 'मानसिक संतुलन' खो बैठे हैं और उन्हें 'और भी...

नेशनल डेस्कः महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने शिवसेना (उबाठा) के लोकसभा सांसदों के टूटने के बाद विधानसभा में दिखी फूट को लेकर मंगलवार को मखौल उड़ाते हुए कहा कि विपक्षी सदस्य 'जोर का झटका' लगने की वजह से अपना 'मानसिक संतुलन' खो बैठे हैं और उन्हें 'और भी झटके' लगने वाले हैं।

विधानसभा में आदित्य ठाकरे नीत शिवसेना (उबाठा) और अन्य विपक्षी दलों के विधायकों ने मंत्रियों द्वारा दूसरे विभागों से जुड़े सवालों का जवाब दिये जाने पर आपत्ति जताई और सदन से बहिर्गमन किया, जिसके बाद शिंदे की यह तीखी प्रतिक्रिया आई है। विपक्ष ने मॉनसून सत्र के दौरान विधानसभा अध्यक्ष राहुल नार्वेकर द्वारा कुछ विभागों की जिम्मेदारी कुछ मंत्रियों को सौंपने पर आपत्ति जताई।

राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (शरदचंद्र पवार) के सदस्य जयंत पाटिल ने विधानसभा अध्यक्ष से फैसला वापस लेने की मांग की, जबकि आदित्य ठाकरे ने कहा कि सदन में उठाए गए मुद्दों का जवाब केवल संबंधित विभाग के राज्य मंत्री ही दे सकते हैं। कांग्रेस के नितिन राउत (कांग्रेस) ने कहा कि ऐसी व्यवस्था पहले कभी नहीं देखी गई थी। शिंदे ने हस्तक्षेप करते हुए कहा कि विपक्ष के पास अब कोई मुद्दा नहीं बचा है और वह कार्यवाही में रचनात्मक रूप से भाग लेने के बजाय उसमें बाधा डाल रहा है।

उप मुख्यमंत्री और शिवसेना अध्यक्ष शिंदे ने कहा, ''सवालों के जवाब देने और 'ध्यानाकर्षण प्रस्तावों'' के लिए मंत्रियों को नियुक्त करने से यह सुनिश्चित हुआ कि सदस्यों को ज्यादा जानकारी मिले। सदन में मौजूद रहना और सदस्यों के सवालों का जवाब देना सरकार की सामूहिक जिम्मेदारी है।'' उन्होंने कहा,'' मैं खुद सदन में आता हूं और मुख्यमंत्री भी खुद आकर जवाब देते हैं। इसलिए, यह हमारी सामूहिक जिम्मेदारी है।'' शिवसेना नेता ने विरोध कर रहे सदस्यों पर तंज कसते हुए कहा, ''जो भी जिम्मेदारी सौंपी गई है, उसे पूरा किया जाना चाहिए।

आप बस कुछ भी बोलते नहीं रह सकते, बेकार की बातें करके सदन का समय बर्बाद नहीं कर सकते।'' विपक्षी खेमे की खाली कुर्सियों की ओर इशारा करते हुए शिंदे ने कहा कि उन्हें (विपक्ष को) पता नहीं है कि उनके साथ क्या हो रहा है। उन्होंने संभवत: शिवसेना (उबाठा) के छह बागी सांसदों के बुधवार को पाला बदलकर शिवसेना में शामिल होने का संदर्भ देते हुए कहा, ''कल उन्हें ज़ोर का झटका लगा। उनका मानसिक संतुलन बिगड़ गया है और उन्हें आगे और भी झटके लगने वाले हैं।'' 

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