Edited By Rahul Rana,Updated: 21 Aug, 2026 05:43 PM

कांग्रेस नेता राहुल गांधी साहिल को साथ लेकर संसद मार्ग थाने पहुंचे। पेलेट गन के छर्रे लगने से साहिल की दाईं आंख की लगभग पूरी रोशनी चली गई।
नई दिल्ली: जंतर-मंतर पर NEET में कथित धांधली और पेपर लीक के खिलाफ हुए छात्र प्रदर्शन के दौरान 19 वर्षीय साहिल लोचब गंभीर रूप से घायल हो गए। परिवार के मुताबिक, पुलिस कार्रवाई के दौरान पेलेट गन के छर्रे लगने से साहिल की दाईं आंख की लगभग पूरी रोशनी चली गई। जिस युवक का सपना पुलिस और सशस्त्र बलों में भर्ती होकर देश की सेवा करने का था, अब वह अपने भविष्य को लेकर गंभीर संकट का सामना कर रहा है।
कौन हैं साहिल लोचब?
साहिल लोचब मूल रूप से हरियाणा के रहने वाले हैं और उनका परिवार फिलहाल दिल्ली के नजफगढ़ इलाके में रहता है। उनके पिता ड्राइवर हैं। तीन भाई-बहनों में साहिल सबसे बड़े हैं। मीडिया रिपोर्ट के अनुसार साहिल दिल्ली विश्वविद्यालय के स्कूल ऑफ ओपन लर्निंग के छात्र हैं और पढ़ाई के साथ SSC CGL तथा पुलिस भर्ती परीक्षाओं की तैयारी कर रहे थे।
साहिल का लक्ष्य यूनिफॉर्म सर्विस में जाना और पुलिस अफसर बनकर देश की सेवा करना था। इसी सपने के लिए वह प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे थे।
जंतर-मंतर पर क्या हुआ?
20 जुलाई 2026 को NEET से जुड़े कथित पेपर लीक और धांधली के विरोध में छात्र संगठनों के ‘संसद चलो’ मार्च में साहिल भी शामिल हुए थे। प्रदर्शन के दौरान पुलिस कार्रवाई में पेलेट गन के इस्तेमाल का आरोप लगाया गया।
साहिल के परिवार के अनुसार, इसी कार्रवाई में उनके शरीर पर बड़ी संख्या में पेलेट्स लगे। AIIMS ट्रॉमा सेंटर की मेडिकल रिपोर्ट का हवाला देते हुए बताया गया है कि साहिल के चेहरे, गर्दन, छाती और आंखों में 200 से ज्यादा छर्रे लगे।
सबसे गंभीर चोट उनकी दाईं आंख में बताई गई है। रिपोर्ट के अनुसार, आंख में तीन छर्रे कॉर्निया को पार करते हुए अंदर धंस गए। डॉक्टरों के मुताबिक, इस चोट के कारण साहिल की आंख की करीब 99 प्रतिशत रोशनी चली गई है और उसके वापस आने की संभावना बेहद कम बताई गई है।
FIR को लेकर उठा विवाद
घटना के बाद पेलेट गन से घायल हुए छात्रों की शिकायत पर FIR दर्ज किए जाने की मांग उठी। परिवार और प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि शिकायत के बावजूद पुलिस ने मामले में FIR दर्ज नहीं की।
इसी मुद्दे को लेकर कांग्रेस नेता राहुल गांधी साहिल को साथ लेकर संसद मार्ग थाने पहुंचे। इस दौरान साहिल के शरीर से निकले बताए जा रहे छर्रों को भी सामने रखा गया और कथित पुलिस कार्रवाई की जांच तथा जिम्मेदार पुलिसकर्मियों के खिलाफ FIR दर्ज करने की मांग की गई।