Edited By Radhika,Updated: 16 May, 2026 12:44 PM

उत्तराखंड के धार्मिक शहर हरिद्वार से एक बड़ी खबर सामने आ रही है। आज शनिवार (16 मई) को 'शनि अमावस्या' के अत्यंत पवित्र और शुभ अवसर पर हरिद्वार के विश्व प्रसिद्ध 'हर की पौड़ी' घाट पर श्रद्धालुओं का हुजूम उमड़ पड़ा। सुबह से ही हजारों भक्तों ने मां गंगा...
नेशनल डेस्क: उत्तराखंड के धार्मिक शहर हरिद्वार से एक बड़ी खबर सामने आ रही है। आज शनिवार (16 मई) को 'शनि अमावस्या' के अत्यंत पवित्र और शुभ अवसर पर हरिद्वार के विश्व प्रसिद्ध 'हर की पौड़ी' घाट पर श्रद्धालुओं का हुजूम उमड़ पड़ा। सुबह से ही हजारों भक्तों ने मां गंगा के पवित्र जल में आस्था की डुबकी लगाई और पूजा-अर्चना की।
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शनि अमावस्या पर हरिद्वार में उमड़ा आस्था का सैलाब
हिंदू कैलेंडर और सनातन परंपरा में शनि अमावस्या को बेहद शक्तिशाली और आध्यात्मिक रूप से महत्वपूर्ण दिन माना जाता है। शनिवार के दिन अमावस्या तिथि का संयोग होने के कारण इसे 'शनि अमावस्या' कहा जाता है, जो कर्म, न्याय और अनुशासन के देवता भगवान शनि देव को समर्पित है।
- कर्मों की शुद्धि: धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, अमावस्या का दिन आत्मनिरीक्षण और कर्मों की शुद्धि का प्रतीक है।
- शनि दोष से मुक्ति: इस विशेष संयोग पर पवित्र नदियों में स्नान, व्रत और दान-पुण्य करने से 'शनि दोष', 'साढ़े साती' और 'शनि की महादशा' के नकारात्मक प्रभावों से मुक्ति मिलती है।
- जीवन में स्थिरता: मान्यता है कि आज के दिन श्रद्धापूर्वक की गई पूजा से जीवन में स्थिरता, समृद्धि, धैर्य और मानसिक शांति का आगमन होता है।
अक्षय तृतीय पर सीएम धामी भी पहुंचे थे हरिद्वार
हाल ही में (अप्रैल महीने में) उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी भी हरिद्वार के एक बड़े धार्मिक उत्सव में शामिल हुए थे। उन्होंने अक्षय तृतीया के पावन अवसर पर 'अखंड परमधाम गंगा घाट' के उद्घाटन समारोह और स्वामी परमानन्द गिरि के 71वें संन्यास स्थापना दिवस कार्यक्रम में हिस्सा लिया था। इस दौरान मुख्यमंत्री ने देश के कोने-कोने से आए संतों और श्रद्धालुओं का स्वागत व अभिनंदन किया।