तुर्की ने बनाया नया  खतरनाक ड्रोनः AI से खुद टारगेट ढूंढेगा MIZRAK,  बिना GPS करेगा काम

Edited By Updated: 02 May, 2026 06:53 PM

turkish firm baykar develops kamikaze drone with 1 000km strike range

तुर्की की कंपनी Baykar ने AI आधारित कमिकाजे ड्रोन MIZRAK पेश किया है। यह बिना GPS के नेविगेट कर सकता है, 1000 किमी रेंज और 7 घंटे उड़ान क्षमता रखता है। विशेषज्ञों के अनुसार यह हाई-वैल्यू टारगेट्स के लिए गंभीर सुरक्षा चुनौती बन सकता है।

International Desk:  तुर्की की प्रमुख ड्रोन कंपनी Baykar ने अपना नया AI पावर्ड कमिकाजे ड्रोन MIZRAK पेश किया है। यह एक “लोइटरिंग म्यूनिशन” है, यानी यह हवा में लंबे समय तक घूमते हुए सही लक्ष्य की तलाश करता है और फिर हमला करता है। इस ड्रोन की सबसे बड़ी खासियत यह है कि यह बिना GPS के भी काम कर सकता है। आमतौर पर ड्रोन GPS सिग्नल पर निर्भर होते हैं, लेकिन MIZRAK में AI आधारित सिस्टम, कैमरे और सेंसर लगे हैं, जो इसे बिना GPS के भी रास्ता खोजने और लक्ष्य पहचानने में सक्षम बनाते हैं।

 

MIZRAK की खासियतें

  • तकनीकी रूप से यह ड्रोन 1000 किलोमीटर से ज्यादा दूरी तय कर सकता है और करीब 7 घंटे तक हवा में रह सकता है।
  • यह लगभग 40 किलो तक का वॉरहेड ले जा सकता है, जिससे बड़े पैमाने पर नुकसान संभव है।
  • इसकी गति लगभग 185 किमी प्रति घंटा और उड़ान ऊंचाई 10,000 फीट तक बताई गई है।
  • MIZRAK को दो वैरिएंट में बनाया गया है ।
  • एक भारी नुकसान के लिए डबल वॉरहेड के साथ, और दूसरा रडार सिस्टम को निशाना बनाने के लिए खास सीकर तकनीक के साथ।
  • इसमें EO/IR कैमरे लगे हैं, जो दिन-रात निगरानी और टारगेट पहचान में मदद करते हैं।
  • यह ड्रोन अन्य Baykar ड्रोन्स जैसे Bayraktar TB2, TB3 और AKINCI के साथ मिलकर “स्वार्म अटैक” भी कर सकता है, जिसमें कई ड्रोन एक साथ हमला करते हैं।

 

 क्यों माना जा रहा है खतरनाक?
विशेषज्ञों के अनुसार, यह ड्रोन खासकर उन जगहों के लिए खतरा है जहां GPS जैमिंग सिस्टम लगाए जाते हैं। क्योंकि MIZRAK को GPS की जरूरत नहीं होती, यह आसानी से ऐसे सुरक्षा उपायों को पार कर सकता है।यह लंबी दूरी से आकर किसी इलाके में घंटों तक घूम सकता है, सही समय पर लक्ष्य चुन सकता है और बिना इंसानी हस्तक्षेप के हमला कर सकता है। यही वजह है कि इसे VIPs और हाई-वैल्यू टारगेट्स के लिए बड़ा खतरा माना जा रहा है। MIZRAK जैसे ड्रोन यह दिखाते हैं कि भविष्य का युद्ध AI और ऑटोनॉमस सिस्टम पर आधारित होगा। इससे सुरक्षा एजेंसियों के लिए नई चुनौतियां खड़ी हो रही हैं, क्योंकि पारंपरिक एंटी-ड्रोन सिस्टम अब पर्याप्त नहीं रह सकते।
 

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