Edited By Tanuja,Updated: 28 Mar, 2026 03:19 PM

मध्य-पूर्व में तनाव के बावजूद होर्मुज जलडमरूमध्य से होकर 47,000 मीट्रिक टन LPG लेकर दो भारतीय पोत गुजरात के वाडिनार टर्मिनल पहुंच गए हैं। भारतीय नौसेना अलर्ट पर रही। सरकार ने कहा है कि ऊर्जा आपूर्ति और भारतीय जहाजों की सुरक्षा पर लगातार नजर रखी जा...
International Desk: पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव और होर्मुज जलडमरूमध्य के आसपास सुरक्षा चिंताओं के बीच भारत के लिए राहत भरी खबर सामने आई है। 47,000 मीट्रिक टन तरलीकृत पेट्रोलियम गैस (LPG) लेकर दो भारतीय पोत शनिवार को गुजरात के वाडिनार टर्मिनल पहुंच गए।इनमें प्रमुख पोत MT Jag Vasant है, जो अपना कार्गो एंकरज पर दूसरे जहाज में Ship-to-Ship (STS) ऑपरेशन के जरिए ट्रांसफर करेगा।सूत्रों के अनुसार, इन व्यापारिक जहाजों को सुरक्षित मार्ग देने के लिए भारतीय नौसेना के युद्धपोत स्टैंडबाय पर थे और जरूरत पड़ने पर सहायता देने के लिए तैयार थे।
अधिकारियों ने बताया कि आने वाले दिनों में ऐसे और पोत भारत पहुंच सकते हैं, जिससे देश की ऊर्जा आपूर्ति को स्थिर रखने में मदद मिलेगी।पोर्ट्स, शिपिंग और जलमार्ग मंत्रालय के विशेष सचिव राजेश कुमार सिन्हा ने संयुक्त प्रेस ब्रीफिंग में कहा कि खाड़ी क्षेत्र में पिछले 24 घंटों में किसी भारतीय जहाज या भारतीय नाविक से जुड़ी कोई अप्रिय घटना की सूचना नहीं मिली है। उन्होंने बताया कि फारस की खाड़ी में इस समय 20 भारतीय ध्वज वाले जहाज संचालित हो रहे हैं, जिन पर करीब 540 भारतीय नागरिक सवार हैं, और सभी सुरक्षित हैं।
सरकार ने यह भी कहा कि DG Shipping का 24x7 कम्युनिकेशन सेंटर लगातार काम कर रहा है। पिछले 24 घंटों में उसे 98 कॉल और 335 ईमेल प्राप्त हुए, जिनका जवाब दिया गया। इससे एक दिन पहले भारत ने फिर जोर देकर कहा था कि होर्मुज जलडमरूमध्य में सुरक्षित और निर्बाध समुद्री आवाजाही सुनिश्चित की जानी चाहिए, क्योंकि यह भारत की ऊर्जा सुरक्षा के लिए बेहद अहम है। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा कि भारत पश्चिम एशिया की स्थिति पर करीबी नजर बनाए हुए है और अंतरराष्ट्रीय साझेदारों के साथ समन्वय कर रहा है।