Edited By Rohini Oberoi,Updated: 15 May, 2026 01:57 PM

मृत्यु एक अटल सत्य है लेकिन क्या कोई मुस्कुराते हुए और संगीत के साथ इसका स्वागत कर सकता है? सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे एक भावुक वीडियो ने इस सवाल का जवाब 'हां' में दिया है। यह कहानी है असम के तिनसुकिया के रहने वाले 17 वर्षीय ऋषभ दत्ता की जिन्होंने...
Rishabh Datta Viral Video : मृत्यु एक अटल सत्य है लेकिन क्या कोई मुस्कुराते हुए और संगीत के साथ इसका स्वागत कर सकता है? सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे एक भावुक वीडियो ने इस सवाल का जवाब 'हां' में दिया है। यह कहानी है असम के तिनसुकिया के रहने वाले 17 वर्षीय ऋषभ दत्ता की जिन्होंने अपनी जिंदगी के आखिरी पलों में डरने के बजाय सुरों का सहारा लिया।
अस्पताल के बेड पर 'लग जा गले...' की आखिरी गूंज
इंटरनेट पर फिर से चर्चा में आए इस वीडियो में ऋषभ अस्पताल के बिस्तर पर बैठे नजर आ रहे हैं। उनके हाथों में गिटार है और आसपास डॉक्टर व नर्सों की टीम खड़ी है। ऋषभ बेहद सुरीली आवाज में लता मंगेशकर का अमर गीत 'लग जा गले...' गा रहे हैं। वीडियो में उनकी आवाज की मिठास और चेहरे का सुकून यह अहसास नहीं होने देता कि वे मौत के कितने करीब थे।
जानें किस बीमारी से जूझ रहे थे ऋषभ?
ऋषभ लंबे समय से 'एप्लास्टिक एनीमिया' (Aplastic Anemia) नाम की एक दुर्लभ और जानलेवा बीमारी से जूझ रहे थे। यह एक ऐसी स्थिति है जिसमें शरीर में नई रक्त कोशिकाओं का निर्माण बंद हो जाता है। उनके माता-पिता ने उन्हें बचाने की हर संभव कोशिश की लेकिन नियति को कुछ और ही मंजूर था। 17 साल की छोटी सी उम्र में ऋषभ ने इस दुनिया को अलविदा कह दिया।
नेटिजन्स हुए भावुक: बहादुरी को सलाम
यह पुराना वीडियो एक बार फिर 'एक्स' (X) और अन्य प्लेटफॉर्म्स पर वायरल हो रहा है। लोग ऋषभ की हिम्मत को देखकर दंग हैं।
यूजर्स का कहना है: जहां लोग मौत के नाम से कांपते हैं, वहां इस बच्चे ने संगीत के जरिए उसे स्वीकार किया।
भावुक संदेश: कमेंट सेक्शन में लोग ऋषभ को एक योद्धा बता रहे हैं जिसने अंत तक हार नहीं मानी।