Edited By Ramanjot,Updated: 27 Jan, 2026 06:50 PM

देश में लागू किए गए UGC Rules 2026 को लेकर विरोध लगातार तेज होता जा रहा है। इस विवाद के बीच छावनी पीठाधीश्वर जगद्गुरु परमहंस आचार्य ने केंद्र सरकार से कड़े शब्दों में अपील की है।
नेशनल डेस्क:देश में लागू किए गए UGC Rules 2026 को लेकर विरोध लगातार तेज होता जा रहा है। इस विवाद के बीच छावनी पीठाधीश्वर जगद्गुरु परमहंस आचार्य ने केंद्र सरकार से कड़े शब्दों में अपील की है। उन्होंने साफ कहा है कि अगर यह नियम तुरंत वापस नहीं लिया गया, तो उन्हें इच्छा मृत्यु की अनुमति दी जाए। जगद्गुरु ने यूजीसी के नए नियमों को शिक्षा व्यवस्था के लिए “काला कानून” बताते हुए इसे छात्रों और समाज के हितों के खिलाफ करार दिया है।
दिल्ली में UGC मुख्यालय के बाहर बड़ा प्रदर्शन
UGC Rules 2026 के विरोध में राजधानी दिल्ली स्थित यूजीसी कार्यालय के बाहर भारी संख्या में छात्र, युवा और सामाजिक संगठन सड़कों पर उतर आए। प्रदर्शनकारियों ने सरकार और यूजीसी के खिलाफ नारेबाजी करते हुए नियमों को तत्काल रद्द करने की मांग की। आंदोलनकारियों का कहना है कि नए नियमों से शिक्षा प्रणाली में असमानता बढ़ेगी, जिससे अलग-अलग वर्गों के बीच टकराव की स्थिति बन सकती है और शैक्षणिक माहौल प्रभावित होगा।
जगद्गुरु की चेतावनी से बढ़ी सियासी हलचल
जगद्गुरु परमहंस आचार्य ने दो टूक कहा कि यदि सरकार ने इस मुद्दे को गंभीरता से नहीं लिया, तो वे अंतिम विकल्प अपनाने के लिए मजबूर होंगे। इस बयान के बाद उत्तर प्रदेश में भी राजनीतिक हलचल तेज हो गई है। लखनऊ, रायबरेली समेत कई जिलों में भाजपा के कुछ नेताओं ने अपने पदों से इस्तीफा दे दिया है। इतना ही नहीं, यूपी पीसीएस अधिकारी अलंकार अग्निहोत्री ने भी अपने पद से त्यागपत्र सौंपते हुए शंकराचार्य के अपमान को इसकी एक बड़ी वजह बताया है।
सरकार पर बढ़ता दबाव, आंदोलन के और तेज होने के संकेत
विरोध कर रहे संगठनों का आरोप है कि UGC के नए नियम शिक्षा में भेदभाव को बढ़ावा देंगे, जिससे सामाजिक तनाव और गहराएगा।
विशेषज्ञों का मानना है कि अगर केंद्र सरकार ने जल्द कोई ठोस कदम नहीं उठाया, तो यह आंदोलन राष्ट्रीय स्तर पर और व्यापक रूप ले सकता है और आने वाले दिनों में सरकार की मुश्किलें बढ़ सकती हैं।