Edited By Rohini Oberoi,Updated: 18 May, 2026 09:31 AM

साउथ फिल्म इंडस्ट्री से एक बेहद हैरान और दुखी करने वाली खबर सामने आ रही है। तमिल सिनेमा के जाने-माने फिल्ममेकर और निर्देशक के राजन (K Rajan) अब इस दुनिया में नहीं रहे। 85 वर्ष की उम्र में उन्होंने चेन्नई की एक नदी में कूदकर अपनी जीवनलीला समाप्त कर...
K Rajan Filmaker Death : साउथ फिल्म इंडस्ट्री से एक बेहद हैरान और दुखी करने वाली खबर सामने आ रही है। तमिल सिनेमा के जाने-माने फिल्ममेकर और निर्देशक के राजन (K Rajan) अब इस दुनिया में नहीं रहे। 85 वर्ष की उम्र में उन्होंने चेन्नई की एक नदी में कूदकर अपनी जीवनलीला समाप्त कर ली। इस दुखद खबर के सामने आने के बाद पूरी साउथ फिल्म इंडस्ट्री में शोक की लहर दौड़ गई है।
नदी से बरामद हुआ शव
रिपोर्ट्स के अनुसार यह दर्दनाक घटना चेन्नई की है। बताया जा रहा है कि के राजन ने चेन्नई की प्रसिद्ध अड्यार नदी (Adyar River) में कूदकर यह खौफनाक कदम उठाया। घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस, दमकल विभाग और आपदा प्रबंधन (बचाव दल) की टीम तुरंत मौके पर पहुंची। काफी मशक्कत के बाद बचाव दल ने के राजन के पार्थिव शरीर को नदी से बाहर निकाला और पोस्टमार्टम के लिए अस्पताल भेजा। पुलिस ने इस मामले में केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है कि उन्होंने ऐसा कदम क्यों उठाया।

बेबाक बयानों के लिए मशहूर थे के राजन
के राजन सिर्फ अपनी फिल्मों के लिए ही नहीं बल्कि फिल्म जगत और समाज से जुड़े हर गंभीर मुद्दे पर अपने बेबाक और निडर बयानों के लिए जाने जाते थे। वे कभी भी सच बोलने से कतराते नहीं थे यही वजह थी कि इंडस्ट्री में जूनियर से लेकर सीनियर कलाकार तक सभी उनका बेहद सम्मान करते थे। उनके अचानक इस तरह चले जाने से उनका परिवार पूरी तरह टूट गया है।

वहीं दिग्गज फिल्ममेकर के निधन पर साउथ सिनेमा के कई बड़े सितारों ने सोशल मीडिया के जरिए गहरा दुख व्यक्त किया है। अभिनेत्री खुशबू सुंदर ने लिखा- के राजन सर के निधन की खबर से स्तब्ध हूं। उनका इस तरह जाना फिल्म जगत के लिए एक अपूरणीय क्षति है। वे बेहद सम्मानित और सच्चे इंसान थे जो कभी सच कहने से पीछे नहीं हटे। ईश्वर उनकी आत्मा को शांति दे। इसके अलावा मशहूर प्रोड्यूसर जी धनंजयन और अभिनेता-राजनेता आर सरथकुमार ने भी उनकी मौत पर गहरा शोक जताया है।
जानें कैसा रहा के राजन का फिल्मी सफर?
के राजन साउथ सिनेमा का एक जाना-माना नाम थे। उन्होंने फिल्म निर्माण और निर्देशन दोनों में अपनी पहचान बनाई थी। उन्होंने साल 1983 में फिल्म 'ब्रह्मचारिगल' से अपने करियर की शुरुआत की थी। इसके बाद उन्होंने 'डबल्स', 'अव्वल पावन' और 'निनैक्काथा नाळिल्लई' जैसी कई शानदार फिल्मों का निर्माण किया। उन्होंने 'नम्मा ऊरु मारियम्मा' और 'उनार्चिगल' जैसी बेहतरीन फिल्मों का निर्देशन भी किया था।