अंतर्राष्ट्रीय सम्मेलन नेतन्याहू बोले- मैं ट्रंप का गुलाम नहीं और न उनकी सुनता, वो भी मेरी हर बात...

Edited By Updated: 23 Jun, 2026 11:41 AM

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इजरायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने कहा कि वह और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप हर मुद्दे पर एकमत नहीं होते, क्योंकि दोनों स्वतंत्र देशों के नेता हैं। इस बीच, अमेरिका-ईरान वार्ता में प्रगति हुई है और ईरान ने तेल निर्यात तथा जमे हुए अरबों...

International Desk: इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप  के साथ अपने संबंधों को लेकर महत्वपूर्ण टिप्पणी की है। उन्होंने कहा कि दोनों देशों के बीच घनिष्ठ संबंध हैं, लेकिन हर मुद्दे पर दोनों नेताओं की राय समान हो, यह जरूरी नहीं है। एक अंतरराष्ट्रीय नीति सम्मेलन को संबोधित करते हुए नेतन्याहू ने कहा, “राष्ट्रपति ट्रंप वह सब कुछ नहीं करते जो मैं चाहता हूं और न ही मैं वह सब कुछ करता हूं जो वह चाहते हैं। हम स्वतंत्र और गर्व करने वाले देशों के नेता हैं, इसलिए कई बार हमारे विचार अलग हो सकते हैं।” नेतन्याहू का यह बयान ऐसे समय आया है जब इजरायल क्षेत्रीय सुरक्षा चुनौतियों का सामना कर रहा है। गाजा, लेबनान और ईरान समर्थित समूहों से जुड़े मुद्दों पर अमेरिका और इजरायल का करीबी सहयोग बना हुआ है, लेकिन कई मामलों में दोनों देशों की प्राथमिकताएं अलग-अलग हो सकती हैं।

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विश्लेषकों का मानना है कि नेतन्याहू का बयान यह संकेत देता है कि मजबूत रणनीतिक साझेदारी के बावजूद वाशिंगटन और यरुशलम के बीच कुछ मुद्दों पर मतभेद बने रह सकते हैं। इस बीच, अमेरिका और ईरान के बीच स्विट्जरलैंड में हुई लंबी वार्ता को लेकर नई जानकारी सामने आई है। ईरानी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता के अनुसार, दोनों पक्षों के बीच लगभग 18 घंटे तक बातचीत चली, जिसमें कई महत्वपूर्ण विषयों पर चर्चा हुई। ईरान ने बताया कि राजनीतिक स्तर की वार्ता का पहला चरण पूरा हो गया है, जबकि तकनीकी विशेषज्ञों की टीमें आगे भी काम जारी रखेंगी। इस पूरी प्रक्रिया में Qatar और Pakistan मध्यस्थ की भूमिका निभा रहे हैं। ईरानी पक्ष ने वार्ता में दो प्रमुख मुद्दों को सबसे महत्वपूर्ण बताया है।

 

  • पहली मांग यह है कि ईरान को अंतरराष्ट्रीय बाजार में अपना तेल बेचने की पूरी अनुमति मिले और उस पर लगे प्रतिबंधों में ढील दी जाए।
  • दूसरी मांग उन अरबों डॉलर की संपत्तियों से जुड़ी है जो विभिन्न देशों में अमेरिकी प्रतिबंधों के कारण जमी हुई हैं।
  • ईरान चाहता है कि इन फंड्स को फिर से उसके नियंत्रण में दिया जाए।
  • ईरानी अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि इन दोनों मुद्दों का समाधान किसी भी व्यापक समझौते की सफलता के लिए आवश्यक होगा।

 

60 दिनों में अंतिम समझौते की कोशिश
अमेरिका और ईरान के बीच हालिया अंतरिम समझ के तहत अगले 60 दिनों में परमाणु कार्यक्रम, प्रतिबंधों में राहत, तेल निर्यात और जमे हुए फंड जैसे विवादित मुद्दों पर अंतिम समझौता करने का प्रयास किया जा रहा है।राजनीतिक पर्यवेक्षकों का मानना है कि यदि वार्ता सफल रहती है तो इससे न केवल अमेरिका-ईरान संबंधों में सुधार होगा, बल्कि पूरे पश्चिम एशिया में तनाव कम करने की दिशा में भी महत्वपूर्ण प्रगति हो सकती है। 

 

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