Edited By Anu Malhotra,Updated: 06 Jan, 2026 11:27 AM

उत्तराखंड के मौसम ने फिर से करवट बदली है। लंबे समय से बारिश के अभाव और लगातार शुष्क मौसम के चलते लोगों को सर्दी ने बेहाल कर दिया है। राज्य के मैदानी इलाकों में धुंध और घना कोहरा दिन को भी अंधेरा कर रहा है, जिससे सूरज की किरणें भी मुश्किल से दिख रही...
नेशनल डेस्क: उत्तराखंड के मौसम ने फिर से करवट बदली है। लंबे समय से बारिश के अभाव और लगातार शुष्क मौसम के चलते लोगों को सर्दी ने बेहाल कर दिया है। राज्य के मैदानी इलाकों में धुंध और घना कोहरा दिन को भी अंधेरा कर रहा है, जिससे सूरज की किरणें भी मुश्किल से दिख रही हैं। वहीं, पहाड़ों में पाले की सफेद चादर ने ठंड को और बढ़ा दिया है। इससे फसलें और सब्जियां भी प्रभावित हो रही हैं, जबकि नाले और झरने जमकर ठोस बर्फ में बदल गए हैं।
बीते दिसंबर में उत्तराखंड में कई बार पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय हुआ, लेकिन बारिश नहीं हुई। अब इस विक्षोभ का असर फिर से दिखने लगा है और मौसम में बदलाव के संकेत मिले हैं। उत्तराखंड के कई पर्वतीय क्षेत्रों में बर्फबारी का असर पूरे उत्तर भारत में महसूस किया जा रहा है। लोग दिन-रात बढ़ती ठंड से जूझ रहे हैं।
IMD की ताज़ा चेतावनी के अनुसार, आज उत्तरकाशी, चमोली और पिथौरागढ़ जिलों में कहीं-कहीं हल्की बारिश की संभावना है। साथ ही, 2800 मीटर या उससे अधिक ऊंचाई वाले क्षेत्रों में बर्फबारी हो सकती है। पर्वतीय इलाकों में बारिश और बर्फबारी का असर उत्तर प्रदेश तक भी दिख सकता है। इसके अलावा, आज कई जिलों में तेज और बर्फीली हवाओं के चलने की संभावना है, जो ठंड को और बढ़ा देंगे।
घने कोहरे और पाले का यलो अलर्ट
IMD ने उत्तराखंड के मैदानी जिलों—हरिद्वार, US नगर, नैनीताल, चम्पावत, देहरादून और पौड़ी—में घने कोहरे के कारण यलो अलर्ट जारी किया है। इससे सर्दी का असर और बढ़ सकता है। पर्वतीय इलाकों में पाले के जमने की भी संभावना जताई गई है। मौसम विभाग ने चेताया है कि 9 जनवरी तक राज्य के विभिन्न हिस्सों में कोहरा और पाला जारी रह सकता है। आगामी बारिश और बर्फबारी के बाद ठंड और भी कड़ी होने की संभावना है।