मिडिल ईस्ट एयरस्पेस बंद...फिर भी फंसे भारतीयों को लाने के लिए सरकार सक्रिय, 4 मार्च को 58 विशेष उड़ानों की योजना

Edited By Updated: 04 Mar, 2026 01:29 PM

the government is still actively working to bring back stranded indians plannin

मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव के बीच अभी भी कई भारतीय नागरिक अलग-अलग देशों में फंसे हुए हैं। उन्हें सुरक्षित और जल्द भारत वापस लाने के लिए केंद्र सरकार लगातार प्रयास कर रही है। प्रधानमंत्री Narendra Modi ने पिछले 48 घंटों में खाड़ी और पश्चिम एशिया के आठ...

नेशनल डेस्क: मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव के बीच अभी भी कई भारतीय नागरिक अलग-अलग देशों में फंसे हुए हैं। उन्हें सुरक्षित और जल्द भारत वापस लाने के लिए केंद्र सरकार लगातार प्रयास कर रही है। प्रधानमंत्री Narendra Modi ने पिछले 48 घंटों में खाड़ी और पश्चिम एशिया के आठ देशों के नेताओं से बातचीत की। उन्होंने हाल की हिंसक घटनाओं की निंदा करते हुए क्षेत्र में शांति और स्थिरता की आवश्यकता पर जोर दिया। साथ ही, वहां रह रहे भारतीय नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए संबंधित देशों का धन्यवाद भी किया।

UAE से विशेष उड़ानें
एयरलाइन SpiceJet ने 4 मार्च को संयुक्त अरब अमीरात से 8 विशेष उड़ानें चलाने की योजना बनाई है। ये सभी फ्लाइट्स फुजेराह एयरपोर्ट से उड़ान भरेंगी। इनमें दिल्ली के लिए 4, मुंबई के लिए 3 और कोच्चि के लिए 1 उड़ान शामिल है। इससे पहले 3 मार्च को भी स्पाइसजेट ने चार विशेष उड़ानें संचालित की थीं, जिनके जरिए कई फंसे हुए यात्री दिल्ली, मुंबई और कोच्चि पहुंचे।


जेद्दा से भी राहत उड़ानें
इसी बीच, Saudia की जेद्दा से आने वाली फ्लाइट SV756 दिल्ली के आईजीआई एयरपोर्ट पर उतरी। जेद्दा को मक्का का मुख्य प्रवेश द्वार माना जाता है, इसलिए बड़ी संख्या में भारतीय मुस्लिम तीर्थयात्री इसी रास्ते से लौटते हैं। इसके अलावा, IndiGo ने भी जेद्दा से चार विशेष उड़ानें संचालित कीं, जो दिल्ली, मुंबई और कोच्चि में उतरीं।


4 मार्च को 58 उड़ानों की योजना
सरकार के अनुसार, 4 मार्च को भारतीय एयरलाइनों की कुल 58 उड़ानें संचालित करने की योजना है। इनमें 30 उड़ानें इंडिगो और 23 उड़ानें Air India तथा एयर इंडिया एक्सप्रेस के माध्यम से चलाई जाएंगी। कुछ विदेशी एयरलाइनों ने भी सीमित संख्या में उड़ानें संचालित की हैं।


बड़ी संख्या में उड़ानें रद्द
मिडिल ईस्ट संकट के कारण अब तक भारतीय एयरलाइनों की 1,221 उड़ानें और विदेशी एयरलाइनों की 388 उड़ानें रद्द की जा चुकी हैं। पिछले तीन दिनों में कुल 1,117 अंतरराष्ट्रीय उड़ानें रद्द हुई हैं, जिससे हजारों यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ा।


यात्रियों की सुरक्षा सर्वोपरि
नागरिक उड्डयन मंत्रालय ने कहा है कि यात्रियों की सुरक्षा सबसे अहम है। सभी एयरलाइनों को निर्देश दिए गए हैं कि वे यात्रियों को समय पर सूचना दें और टिकट रिफंड या बदलाव में पूरी मदद करें। यात्रियों से अपील की गई है कि वे अपनी उड़ान की स्थिति संबंधित एयरलाइन की आधिकारिक वेबसाइट या विश्वसनीय स्रोत से ही जांचें।

सरकार और भारतीय दूतावास लगातार एयरलाइनों और विदेशी विमानन अधिकारियों के संपर्क में हैं, ताकि फंसे हुए भारतीय नागरिकों को सुरक्षित और व्यवस्थित तरीके से देश वापस लाया जा सके।

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