Edited By Rohini Oberoi,Updated: 08 Jun, 2026 12:05 PM

भारत में Short Video Content का क्रेज अब सिर्फ मनोरंजन तक सीमित नहीं रहा बल्कि यह लोगों की रोजमर्रा की जिंदगी और शॉपिंग करने के तरीकों को भी बदल रहा है। सोशल मीडिया दिग्गज मेटा Meta और मशहूर रिसर्च एजेंसी इप्सॉस (IPSOS) की एक नई ज्वॉइंट स्टडी में...
Instagram Reels Trends in 2026 : भारत में Short Video Content का क्रेज अब सिर्फ मनोरंजन तक सीमित नहीं रहा बल्कि यह लोगों की रोजमर्रा की जिंदगी और शॉपिंग करने के तरीकों को भी बदल रहा है। सोशल मीडिया दिग्गज मेटा Meta और मशहूर रिसर्च एजेंसी इप्सॉस (IPSOS) की एक नई ज्वॉइंट स्टडी में चौंकाने वाले खुलासे हुए हैं। इस रिपोर्ट के मुताबिक साल 2026 में भारतीय यूजर्स इंस्टाग्राम रील्स पर सबसे ज्यादा ब्यूटी, मेकअप और फैशन से जुड़ा कंटेंट देखना पसंद कर रहे हैं। यह स्टडी देश के 23 शहरों और ग्रामीण इलाकों के 4,000 से अधिक लोगों से बातचीत कर तैयार की गई है जो भारत के बदलते डिजिटल मिजाज की पूरी कहानी बयां करती है।
ब्यूटी-फैशन सबसे आगे
भारतीय दर्शकों को इंस्टाग्राम रील्स पर कौन सा कंटेंट सबसे ज्यादा अपनी ओर खींच रहा है इसकी पूरी लिस्ट प्रतिशत के साथ नीचे दी गई है:
ब्यूटी, मेकअप और फैशन: यह सबसे बड़ा आकर्षण बनकर उभरा है जिसे 52% लोग नियमित देखते हैं।
लाइफस्टाइल और फिटनेस: सेहत और रहन-सहन से जुड़े वीडियो 42% लोगों की पसंद हैं।

कॉमेडी कंटेंट: हंसी-मजाक वाले वीडियो को 39% लोगों का प्यार मिल रहा है।
स्पोर्ट्स (खेल): खेलकूद से जुड़ी रील्स 38% दर्शक देख रहे हैं।
ट्रैवल (घूमना-फिरना): नई जगहों को एक्सप्लोर करने वाले वीडियो 37% लोग पसंद कर रहे हैं।
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रील देखकर शॉपिंग कर रहे हैं लोग
रिपोर्ट में सबसे बड़ा दावा यह किया गया है कि रील्स अब सीधे तौर पर लोगों की जेब और ई-कॉमर्स (E-commerce) को प्रभावित कर रही है। देश के 81 प्रतिशत लोगों को किसी भी नए प्रोडक्ट या ब्रांड की पहली जानकारी रील्स के जरिए ही मिल रही है। करीब 66 प्रतिशत लोग किसी ब्रांड का सामान खरीदने से पहले रील्स पर उससे जुड़ा रिव्यू या कंटेंट चेक करते हैं। चौंकाने वाली बात यह है कि 47 प्रतिशत लोग रील देखने के बाद ही उस सामान को खरीदने का अंतिम फैसला (Final Decision) लेते हैं।

Gen Z और ग्रामीण भारत में रील्स की आंधी
इस डिजिटल क्रांति का सबसे बड़ा असर दो खास वर्गों पर दिख रहा है। युवा पीढ़ी मेटा के प्लेटफॉर्म्स की सबसे बड़ी दीवानी है। लगभग 89% जेन-जी यूजर्स हर दिन रील्स देखते हैं और इनमें से 84% नए प्रोडक्ट्स की खोज रील्स के जरिए ही करते हैं। पहले माना जाता था कि यह क्रेज सिर्फ बड़े शहरों में है लेकिन रिपोर्ट के अनुसार रोजाना वीडियो देखने वालों की संख्या शहरों में 98% और ग्रामीण इलाकों में 94% है। यानी अब गांव और शहर के लोग एक जैसा कंटेंट देख रहे हैं। इसके अलावा 73% ग्रामीण यूजर्स ने रील्स के जरिए नए ब्रांड्स के बारे में जाना है।

सिर्फ कपड़े या ब्यूटी प्रोडक्ट्स ही नहीं बल्कि नई कार और बाइक खरीदने में भी रील्स अहम भूमिका निभा रही है। ऑटोमोबाइल सेक्टर में नई गाड़ियों को खोजने के लिए 82% लोग मेटा प्लेटफॉर्म्स की मदद ले रहे हैं और गाड़ी खरीदने के अंतिम फैसले में रील्स का असर 50% तक देखा गया है।
इस रिपोर्ट में क्रिएटर्स (कंटेंट बनाने वालों) के लिए भी अच्छी खबर है। इंस्टाग्राम रील्स अन्य शॉर्ट वीडियो ऐप्स के मुकाबले क्रिएटर्स को 60% ज्यादा एंगेजमेंट (लाइक, कमेंट, शेयर) दे रहा है। मेटा इंडिया के अधिकारियों का कहना है कि अब ब्रांड्स के लिए कंटेंट और व्यापार को एक साथ जोड़कर आगे बढ़ना बेहद जरूरी हो गया है।