Edited By Rohini Oberoi,Updated: 24 Jul, 2026 07:54 AM

परिवार में जब आपसी मतभेद और झगड़े हद से बढ़ जाते हैं तो अक्सर यह सवाल सामने आता है कि क्या कोई मां अपनी खुद की बनाई या खरीदी हुई संपत्ति से अपने बेटे और बहू को बेदखल कर सकती है? कानूनी जानकारों के मुताबिक इसका सीधा जवाब 'हां' है। भारतीय कानून वरिष्ठ...
Property Rights : परिवार में जब आपसी मतभेद और झगड़े हद से बढ़ जाते हैं तो अक्सर यह सवाल सामने आता है कि क्या कोई मां अपनी खुद की बनाई या खरीदी हुई संपत्ति से अपने बेटे और बहू को बेदखल कर सकती है? कानूनी जानकारों के मुताबिक इसका सीधा जवाब 'हां' है। भारतीय कानून वरिष्ठ नागरिकों और माता-पिता को अपनी संपत्ति पर पूर्ण अधिकार और सुरक्षा प्रदान करता है।
गाजियाबाद कोर्ट की वरिष्ठ अधिवक्ता रेणु अग्रवाल के अनुसार संपत्ति के मालिकाना हक को लेकर कानून बेहद स्पष्ट है। उन्होंने कहा है कि यदि मकान पूरी तरह से मां ने अपनी निजी कमाई, पेंशन, बचत या स्त्रीधन से खरीदा या बनवाया है तो उस पर बच्चों (बेटे या बेटी) का कोई कानूनी या जन्मसिद्ध अधिकार नहीं होता। मां अपनी मर्जी से यह तय कर सकती हैं कि घर में कौन रहेगा और कौन नहीं। वे चाहें तो अपनी संपत्ति किसी को भी बेच सकती हैं या वसीयत के जरिए किसी भी अन्य व्यक्ति के नाम कर सकती हैं।
इसके साथ ही माता-पिता और वरिष्ठ नागरिक भरण-पोषण एवं कल्याण अधिनियम, 2007 बुजुर्गों को मानसिक व शारीरिक प्रताड़ना से कानूनी संरक्षण देता है। यदि बेटा और बहू बुजुर्ग माता-पिता को प्रताड़ित करते हैं उनका ध्यान नहीं रखते या जबरन मकान पर कब्जा जमाकर बैठते हैं तो माता-पिता एसडीएम/मेंटेनेंस ट्रिब्यूनल का रुख कर सकते हैं।
ट्रिब्यूनल के पास यह अधिकार है कि वह बुजुर्गों की शिकायत पर संज्ञान लेते हुए बेटे-बहू को घर खाली करने का कानूनी आदेश जारी कर दे। कानूनी स्थिति मजबूत करने के लिए कई बार माता-पिता समाचार पत्रों में सार्वजनिक नोटिस देकर बेटे-बहू से सभी संबंध खत्म करने और संपत्ति से बेदखल करने की घोषणा भी कर देते हैं।

वहीं आम तौर पर यह धारणा रहती है कि घरेलू हिंसा अधिनियम के तहत बहू को सास-ससुर के घर से नहीं निकाला जा सकता लेकिन अदालतों ने इस पर स्थिति साफ की है। यदि यह साबित हो जाता है कि घर पूरी तरह सास का स्वयं-अर्जित है और बेटा-बहू मिलकर उन्हें परेशान कर रहे हैं तो अदालत सास के पक्ष में बेदखली का आदेश दे सकती है।
यदि बेटा और सास मिलकर साजिश के तहत बहू को घर से बेदखल करने की कोशिश करते हैं तो कोर्ट पति को निर्देश दे सकती है कि वह अपनी पत्नी के रहने के लिए अलग मकान या किराए के आवास का पूरा इंतजाम करे।