ताश के पत्ते की तरह बिखर रही TMC को क्या संभाल पाएंगी मामता?, या फिर कांग्रेस के सामने करेंगी सरेंडर

Edited By Updated: 11 Jun, 2026 02:38 PM

will mamata banerjee be able to handle the tmc which is crumbling like a pack o

बंगाल विधानसभा चुनाव में तृणमूल कांग्रेस की हार के बाद पार्टी के बीच अंदरूनी कलह एंव राज्यसभा सांसदों के इस्तीफे से पार्टी के भविष्य को लेकर संकट खड़ा हो गया है। हालिया घटना क्रम से राजनीतिक गलियारों में अब इस बात को लेकर चर्चा शुरू हो गई है कि क्या...

नेशनल डेस्क: बंगाल विधानसभा चुनाव में तृणमूल कांग्रेस की हार के बाद पार्टी के बीच अंदरूनी कलह एंव राज्यसभा सांसदों के इस्तीफे से पार्टी के भविष्य को लेकर संकट खड़ा हो गया है। हालिया घटना क्रम से राजनीतिक गलियारों में अब इस बात को लेकर चर्चा शुरू हो गई है कि क्या अब ममता बनर्जी अब  TMC का विलय कांग्रेस में करेंगी या फिर पार्टी को बचाने के लिए कोई रणनीति अपनाएंगी। 

हालांकि हाल में हुए इंडिया गठबंधन की बैठक में बैठक में ममता ने हिसा लिया। लेकिन पार्टी के अंदर चल रही कलह को लेकर किसी तहर की कोई वार्ता नहीं लेकिन कुछ मीडिया रिपोर्ट की मानें तो TMC का विलय हो सकता है। कांग्रेस पार्टी ममता को राज्यसभा भेज सकती है लेकिन, अभी तक इस बात की कोई भी अधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है फिलहाल TMC में असंतोष और गुटबाजी की घटना अब खुलकर सामने आने लगी है। 

राजनीतिक जानकारों का कहना है कि ममता बनर्जी अभी भी बंगाल की सबसे प्रभावशाली नेता रहीं हैं और जमीनी स्तर पर उनकी पकड़ मजबूत है हालांकि विधान सभा चुनाव में पार्टी की कररी हार के बाद विधायकों सांसदों के अंदर असंतोष लगातार बढ़ता रहा है। जिस वजह से पार्टी के कई नेता अलग गुट बना लिए हैं या फिर पार्टी को छोड़ बीजेपी में शामिल हो रहे हैं। ऐसे में सवाल उठ रहा है कि क्या ममता बनर्जी विपक्षी एकजुटता के तहत कांग्रेस के साथ और ज्यादा तालमेल बढ़ाएंगी या फिर अकेले दम पर सियासी लड़ाई लड़ेंगी। फिलहाल बंगाल की राजनीति में उठापटक का दौर जारी है और आने वाले दिनों में तस्वीर और साफ हो सकती है।

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पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में हार और पार्टी के भीतर बगावत के बाद तृणमूल गंभीर संकट का सामना कर रही है, पार्टी के एक-एक करके अब तक 60 से ज्यादा विधायक बागी हो गए हैं। 3 राज्य सभा सांसदों ने पार्टी छोड़ दी है और राज्यसभा से इस्तीफा दे दिया है। इसे लेकर तृणमूल कांग्रेस भाजपा पर पार्टी तोड़ने का आरोप लगा रही है। 


 

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