योगी सरकार ने स्मार्ट मीटर पर फैला भ्रम किया दूर, यूपीपीसीएल ने दी पूरी जानकारी

Edited By Updated: 29 Jul, 2026 09:58 PM

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उत्तर प्रदेश में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के मार्गदर्शन में प्रदेश सरकार ने बिजली व्यवस्था को अधिक पारदर्शी, डिजिटल और उपभोक्ता हितैषी बनाने की दिशा में कई महत्वपूर्ण कदम उठाए हैं। इसी बीच स्मार्ट मीटर को लेकर फैलाई जा रही भ्रामक जानकारियों पर...

नेशनल डेस्क : उत्तर प्रदेश में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के मार्गदर्शन में प्रदेश सरकार ने बिजली व्यवस्था को अधिक पारदर्शी, डिजिटल और उपभोक्ता हितैषी बनाने की दिशा में कई महत्वपूर्ण कदम उठाए हैं। इसी बीच स्मार्ट मीटर को लेकर फैलाई जा रही भ्रामक जानकारियों पर उत्तर प्रदेश पावर कारपोरेशन लिमिटेड ने स्थिति स्पष्ट कर दी है। यूपीपीसीएल ने स्पष्ट किया कि पोस्टपेड व्यवस्था लागू होने के बाद पहले समायोजित या वापस की गई सिक्योरिटी राशि ही नियमानुसार दोबारा जमा कराई जा रही है। इसे नया शुल्क या स्मार्ट मीटर का अतिरिक्त आर्थिक बोझ बताना पूरी तरह भ्रामक है।

यूपीपीसीएल की ओर से बताया गया कि हाल के दिनों में कुछ समाचार माध्यमों और सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर स्मार्ट मीटर उपभोक्ताओं पर नया आर्थिक बोझ डालने और उसने पुनः सिक्योरिटी धनराशि वसूलने संबंधी खबरें प्रसारित की जा रही है, जो कि तथ्यों के अनुरूप नहीं है और अधूरी जानकारी के आधार पर प्रस्तुत की गई है। 

यूपीपीसीएल के अनुसार, प्रदेश में स्मार्ट मीटर उपभोक्ताओं को पूर्व में प्रीपेड प्रणाली पर संचालित किया गया था। उस समय उपभोक्ताओं द्वारा पूर्व में जमा की गई सिक्योरिटी धनराशि को नियमानुसार उनके बकाया विद्युत देयकों के विरुद्ध समायोजित कर दिया गया था तथा जिन उपभोक्ताओं पर कोई बकाया नहीं था, उनकी जमा सिक्योरिटी राशि उनके प्रीपेड खाते में रिचार्ज के रूप में क्रेडिट कर दी गई थी। तत्पश्चात उपभोक्ताओं की सुविधा एवं जनभावनाओं को ध्यान में रखते हुए प्रदेश के सभी स्मार्ट मीटर उपभोक्ताओं को पुनः पोस्टपेड प्रणाली में परिवर्तित कर दिया गया। वर्तमान में सभी उपभोक्ताओं को प्रत्येक माह पूर्व की भांति नियमित मासिक विद्युत बिल उपलब्ध कराए जा रहे हैं। इस संबंध में आवश्यक आदेश पूर्व में ही निर्गत किए जा चुके हैं।

यूपीपीसीएल ने स्पष्ट किया कि पोस्टपेड व्यवस्था लागू होने के फलस्वरूप अब वही सिक्योरिटी धनराशि, जो पूर्व में उपभोक्ताओं को समायोजित अथवा वापस कर दी गई थी, नियमानुसार पुनः जमा कराई जा रही है। इसे किसी प्रकार का नया शुल्क अथवा स्मार्ट मीटर लगाए जाने के कारण उपभोक्ताओं पर डाला गया अतिरिक्त आर्थिक बोझ बताया जाना पूर्णतः भ्रामक एवं तथ्यों से परे है। उपभोक्ताओं पर किसी प्रकार का एकमुश्त वित्तीय भार न पड़े, इसे ध्यान में रखते हुए इस धनराशि को चार समान मासिक किस्तों में वसूल किए जाने का निर्णय लिया गया है। 

प्रथम किस्त जून-2026 की ऊर्जा खपत के बिल, जो जुलाई-2026 में जारी हुआ था, उसमें शामिल थी। बाकि तीन किस्तें आगामी तीन मासिक बिलों में स्वतः सम्मिलित होकर आएंगी। यह संपूर्ण प्रक्रिया बिलिंग प्रणाली द्वारा स्वतः संपादित की जाएगी। इसके लिए उपभोक्ताओं को किसी प्रकार की अतिरिक्त औपचारिकता पूर्ण करने की आवश्यकता नहीं होगी।

यूपीपीसीएल ने यह भी स्पष्ट किया कि वर्तमान में प्रदेश के सभी स्मार्ट मीटर उपभोक्ताओं को नियमित पोस्टपेड मासिक बिल जारी किए जा रहे हैं। भविष्य में दिए जाने वाले नए विद्युत संयोजन भी पूर्व की भांति पोस्टपेड स्वरूप में ही प्रदान किए जा रहे हैं। स्मार्ट मीटर, प्रीपेड व्यवस्था तथा सिक्योरिटी धनराशि को परस्पर जोड़कर प्रस्तुत किए जा रहे समाचार तथ्यात्मक रूप से सही नहीं हैं और इनसे केवल उपभोक्ताओं में अनावश्यक भ्रम उत्पन्न हो रहा है।

सभी उपभोक्ताओं को उनका मासिक विद्युत बिल यूपीपीसीएल स्मार्ट एप, विभागीय वेबसाइट, पंजीकृत मोबाइल नंबर पर भेजे जाने वाले एसएमएस एवं व्हाट्सएप संदेशों के माध्यम से नियमित रूप से उपलब्ध कराया जा रहा है। जिन उपभोक्ताओं का मोबाइल नंबर अभी तक पंजीकृत नहीं है अथवा किसी कारणवश गलत दर्ज है, वे संबंधित वितरण निगम के अधिकृत व्हाट्सएप Chatbot, निकटतम विद्युत कार्यालय अथवा 1912 हेल्पलाइन के माध्यम से अपना बिल प्राप्त कर सकते हैं। इसी प्रकार विद्युत बिल का भुगतान भी यूपीपीसीएल स्मार्ट एप, विभागीय वेबसाइट, विभागीय काउंटर, जन सुविधा केंद्र (सीएससी), विद्युत सखी तथा अन्य अधिकृत डिजिटल एवं फिनटेक के माध्यमों से अत्यंत सरलता से किया जा सकता है।

उत्तर प्रदेश पावर कॉर्पोरेशन लिमिटेड ने सभी विद्युत उपभोक्ताओं से अनुरोध किया कि वे सोशल मीडिया अथवा अन्य माध्यमों पर प्रसारित अपुष्ट एवं भ्रामक समाचारों पर विश्वास न करें। केवल यूपीपीसीएल एवं संबंधित वितरण निगमों द्वारा जारी आधिकारिक सूचनाओं को ही प्रमाणिक मानें। सभी उपभोक्ताओं से यह भी अपेक्षा की जाती है कि वे प्रत्येक माह अपना विद्युत बिल समय से डाउनलोड कर निर्धारित तिथि तक उसका भुगतान करें, जिससे किसी प्रकार की असुविधा अथवा विलंब अधिभार से बचा जा सके।

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