Edited By Kamini,Updated: 19 Jan, 2026 06:28 PM

पुलिस ने अवैध खनन और ऑनलाइन धोखाधड़ी के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए 4 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है।
रूपनगर: पुलिस ने अवैध खनन और ऑनलाइन धोखाधड़ी के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए 4 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। पुलिस ने फर्जी माइंस पोर्टल के जरिए करोड़ों रुपये की ठगी करने वाले गिरोह का पर्दाफाश किया है। यह जानकारी एसएसपी रूपनगर मनींदर सिंह ने दी। एसएसपी ने बताया कि माइंस एंड जियोलॉजी विभाग, पंजाब की ओर से सूचना मिली थी कि विभाग की आधिकारिक वेबसाइट से मिलती-जुलती एक नकली वेबसाइट तैयार कर सरकारी रॉयल्टी से जुड़ी धोखाधड़ी की जा रही है। आरोपी माइंस एंड जियोलॉजी पंजाब के नाम पर फर्जी पोर्टल बनाकर जाली QR फॉर्म जारी करते थे, जिनका इस्तेमाल कर ट्रांसपोर्टरों और क्रशर संचालकों से पैसे वसूले जा रहे थे।
मामले में थाना नंगल में 14 जनवरी 2026 को FIR दर्ज की गई। जांच के दौरान पुलिस ने सबसे पहले रण कुमार उर्फ राणा नामक ट्रांसपोर्टर को गिरफ्तार किया। उसकी निशानदेही पर नोनू भल्ला निवासी भरतगढ़, गुरमीत सिंह निवासी सरसा नंगल और इस पूरे नेटवर्क के मास्टरमाइंड खिलेश प्रताप शाही निवासी गोरखपुर को भी गिरफ्तार किया गया। मुख्य आरोपी के पास से लैपटॉप, मोबाइल फोन और अन्य डिजिटल सबूत बरामद किए गए हैं।
पुलिस जांच में सामने आया है कि आरोपी लंबे समय से फर्जी QR कोड के जरिए लोगों को गुमराह कर रहे थे और अब तक सैकड़ों लोगों से मोटी रकम वसूली जा चुकी है। प्रारंभिक आकलन के अनुसार, सरकार को करोड़ों रुपये का नुकसान हुआ है। इस मामले में बीएनएस और आईटी एक्ट की विभिन्न धाराओं 318(4), 336(2), 336(3), 340(2), 338, 61(2) तथा आईटी एक्ट 2000 की धाराएं 66, 66(C), 66(D)के तहत मामला दर्ज किया गया है।
एसएसपी मनींदर सिंह ने कहा कि फिलहाल माइंस विभाग के किसी अधिकारी की संलिप्तता सामने नहीं आई है, लेकिन जांच जारी है। सभी आरोपियों को रिमांड पर लेकर पूछताछ की जा रही है और गिरोह से जुड़े अन्य लोगों की तलाश की जा रही है। पुलिस ने जनता से अपील की है कि माइनिंग से संबंधित किसी भी तरह की जानकारी या अनुमति के लिए केवल विभाग के आधिकारिक पोर्टल का ही इस्तेमाल करें और किसी भी संदिग्ध वेबसाइट या लिंक से सावधान रहें।
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