Edited By Pardeep,Updated: 10 Mar, 2026 01:52 AM

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के इस संकेत के बाद कि ईरान के साथ चल रहा युद्ध जल्द खत्म हो सकता है, सोमवार को अमेरिकी शेयर बाजार में बड़ा सुधार देखने को मिला।
बिजनेस डेस्कः अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के इस संकेत के बाद कि ईरान के साथ चल रहा युद्ध जल्द खत्म हो सकता है, सोमवार को अमेरिकी शेयर बाजार में बड़ा सुधार देखने को मिला। पहले भारी गिरावट झेलने के बाद बाजार दोबारा बढ़त में आ गया, जबकि तेल की कीमतों में तेज गिरावट दर्ज की गई।
शेयर बाजार में जोरदार वापसी
सोमवार को अमेरिका के प्रमुख शेयर सूचकांकों में अच्छी तेजी देखने को मिली।
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S&P 500 में लगभग 0.8% की बढ़त दर्ज की गई।
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Dow Jones Industrial Average करीब 250 अंक (0.5%) चढ़ गया। यह सूचकांक पिछले सप्ताह लगभग एक साल की सबसे बड़ी साप्ताहिक गिरावट के बाद संभलने की कोशिश कर रहा है।
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टेक्नोलॉजी कंपनियों पर आधारित Nasdaq Composite में 1.2% की तेज बढ़त देखी गई।
यह उछाल खास इसलिए भी रहा क्योंकि दिन की शुरुआत में बाजार में भारी गिरावट थी। एक समय डॉव जोन्स लगभग 900 अंक तक गिर गया था, जबकि S&P 500 और Nasdaq दोनों करीब 1.5% तक नीचे चले गए थे।
ट्रंप का बयान बना बाजार के लिए राहत
सोमवार को CBS News के एक रिपोर्टर से बातचीत में ट्रंप ने कहा कि उन्हें लगता है कि युद्ध “लगभग पूरा हो चुका है।”
ट्रंप के मुताबिक ईरान की सैन्य ताकत काफी कमजोर हो चुकी है। उनके पास अब नौसेना, संचार व्यवस्था और वायुसेना लगभग नहीं बची है अमेरिका इस युद्ध की तय समयसीमा से काफी आगे निकल चुका है। उन्होंने पहले कहा था कि युद्ध को इस स्तर तक पहुंचने में 4 से 5 सप्ताह लग सकते हैं, लेकिन हालात उससे कहीं तेजी से बदले हैं। ट्रंप ने यह भी कहा कि अब Strait of Hormuz से जहाज फिर से गुजर रहे हैं और वह इस जलमार्ग को अपने नियंत्रण में लेने के बारे में भी सोच रहे हैं।
तेल की कीमतों में तेज गिरावट
ट्रंप के बयान के बाद तेल बाजार में भी बड़ी हलचल देखने को मिली। West Texas Intermediate कच्चा तेल करीब 9% गिरकर 81 डॉलर प्रति बैरल पर आ गया। अंतरराष्ट्रीय मानक Brent Crude भी करीब 8% गिरकर 84 डॉलर प्रति बैरल रह गया। इससे पहले रात के कारोबार में तेल की कीमतें 100 डॉलर से ऊपर निकलकर 119 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच गई थीं। यह स्तर 2022 के बाद पहली बार देखा गया, जब रूस के यूक्रेन पर हमले के बाद वैश्विक बाजार में भारी उथल-पुथल हुई थी। गौरतलब है कि इस साल की शुरुआत में अमेरिका में तेल की कीमतें 60 डॉलर प्रति बैरल से भी नीचे थीं।
सेमीकंडक्टर शेयरों ने भी दिया सहारा
बाजार की तेजी में टेक्नोलॉजी और सेमीकंडक्टर कंपनियों के शेयरों का भी बड़ा योगदान रहा।
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Broadcom के शेयर 3% से अधिक चढ़े।
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Micron Technology और Advanced Micro Devices लगभग 2% बढ़े।
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Nvidia के शेयर करीब 1% ऊपर गए।
स्ट्रेट ऑफ होर्मुज़ बंद होने से बढ़ा था तेल संकट
तेल की कीमतों में पहले तेज उछाल इसलिए आया था क्योंकि मध्य-पूर्व के प्रमुख तेल उत्पादकों ने Strait of Hormuz के बंद होने के कारण उत्पादन घटा दिया था। कुवैत ने उत्पादन में कटौती की घोषणा की, हालांकि उसने मात्रा नहीं बताई। वहीं इराक का उत्पादन कथित तौर पर 70% तक गिर गया है।
G7 देश करेंगे आपात बैठक
तेल संकट को लेकर Group of Seven देशों के ऊर्जा मंत्री मंगलवार सुबह वर्चुअल बैठक करने वाले हैं। इस समूह में कनाडा, फ्रांस, जर्मनी, इटली, जापान, यूनाइटेड किंगडम और संयुक्त राज्य अमेरिका जैसे देश शामिल हैं। ये देश जरूरत पड़ने पर रणनीतिक तेल भंडार (Strategic Oil Reserves) जारी करने पर चर्चा कर सकते हैं। वित्त मंत्रियों ने इस मुद्दे पर सोमवार को भी बैठक की, लेकिन कोई अंतिम फैसला नहीं लिया गया।