Edited By Pardeep,Updated: 10 Mar, 2026 01:06 AM

ईरान के सर्वोच्च नेता अली खामेनेई की मौत के बाद एक नई खुफिया जानकारी सामने आई है। अमेरिकी खुफिया एजेंसियों ने एक एन्क्रिप्टेड (गुप्त) संदेश इंटरसेप्ट किया है, जिसके बारे में आशंका जताई जा रही है कि यह ईरान के बाहर मौजूद स्लीपर सेल को सक्रिय करने का...
इंटरनेशनल डेस्कः ईरान के सर्वोच्च नेता अली खामेनेई की मौत के बाद एक नई खुफिया जानकारी सामने आई है। अमेरिकी खुफिया एजेंसियों ने एक एन्क्रिप्टेड (गुप्त) संदेश इंटरसेप्ट किया है, जिसके बारे में आशंका जताई जा रही है कि यह ईरान के बाहर मौजूद स्लीपर सेल को सक्रिय करने का संकेत हो सकता है। यह जानकारी ABC News की एक रिपोर्ट में सामने आई है, जिसमें एक संघीय अलर्ट का हवाला दिया गया है।
खामेनेई की मौत के बाद मिला संदिग्ध संदेश
रिपोर्ट के मुताबिक यह संदेश 28 फरवरी को उस समय मिला जब अमेरिका और इज़राइल के संयुक्त हमले में ईरान के सुप्रीम लीडर अली खामेनेई की मौत हो गई थी। अमेरिकी एजेंसियों के शुरुआती सिग्नल विश्लेषण के अनुसार यह संदेश संभवतः ईरान से भेजा गया था। खुफिया एजेंसियों का मानना है कि यह संदेश किसी खास उद्देश्य से प्रसारित किया गया हो सकता है।
कई देशों के जरिए दोबारा प्रसारित हुआ सिग्नल
खुफिया विश्लेषकों के अनुसार यह रेडियो फ्रीक्वेंसी सिग्नल एक देश से भेजे जाने के बाद कई अन्य देशों के जरिए दोबारा प्रसारित हुआ। यह असामान्य पैटर्न था, जिसने रेडियो कम्युनिकेशन की निगरानी कर रहे विश्लेषकों का ध्यान खींचा। आम तौर पर ऐसे संदेश सीधे भेजे जाते हैं, लेकिन इस बार कई देशों से रिले होने की वजह से इसकी जांच और गंभीर हो गई।
एन्क्रिप्टेड संदेश, सिर्फ खास लोगों के लिए
बताया जा रहा है कि यह संदेश पूरी तरह एन्क्रिप्टेड था, यानी इसे केवल वही लोग पढ़ सकते हैं जिनके पास इसे डिक्रिप्ट करने की कुंजी (की) मौजूद हो। ऐसे संदेशों का इस्तेमाल अक्सर खुफिया एजेंसियां या उग्रवादी संगठन करते हैं, क्योंकि यह इंटरनेट या मोबाइल नेटवर्क पर निर्भर नहीं होते और डिजिटल रिकॉर्ड भी नहीं छोड़ते।
स्लीपर सेल को निर्देश देने की आशंका
संघीय अलर्ट में कहा गया है कि यह संदेश विदेशों में पहले से मौजूद स्लीपर एजेंटों को सक्रिय करने या उन्हें निर्देश देने के लिए भेजा गया हो सकता है। हालांकि अभी तक यह स्पष्ट नहीं है कि इस संदेश में क्या लिखा था। अधिकारियों का कहना है कि नई रेडियो स्टेशन जैसी गतिविधि और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर इसके दोबारा प्रसारण ने सुरक्षा एजेंसियों की चिंता बढ़ा दी है।
किसी खास जगह पर तत्काल खतरे की पुष्टि नहीं
अलर्ट में यह भी कहा गया है कि फिलहाल किसी खास शहर या स्थान पर सीधे खतरे की पुष्टि नहीं हुई है। इसके बावजूद सुरक्षा एजेंसियां इस मामले पर लगातार नजर रख रही हैं।
ईरान–इज़राइल संघर्ष जारी
यह घटना ऐसे समय सामने आई है जब ईरान और इजराइल के बीच संघर्ष लगातार बढ़ता जा रहा है। युद्ध अब नौवें दिन में पहुंच चुका है और खामेनेई की मौत के बाद भी लड़ाई थमी नहीं है। सोमवार को इज़राइली सेना ने मध्य ईरान में नए हमले किए और बेरूत में Hezbollah के ठिकानों को भी निशाना बनाया।
तेहरान के तेल डिपो पर भी हुआ हमला
इन हमलों से एक दिन पहले इज़राइल ने Tehran में तेल भंडारण डिपो को निशाना बनाया था। इसके जवाब में ईरान ने भी मिसाइल और ड्रोन हमले किए, जिनका निशाना इज़राइल और मध्य पूर्व में अमेरिकी सैन्य ठिकाने बने।
युद्ध में बढ़ रहा है मौत का आंकड़ा
ईरान के संयुक्त राष्ट्र में राजदूत के अनुसार देश में अब तक 1,332 नागरिकों की मौत हो चुकी है और हजारों लोग घायल हुए हैं। दूसरी ओर अमेरिका ने भी पुष्टि की है कि इस संघर्ष के दौरान घायल हुए एक और सैनिक की इलाज के दौरान मौत हो गई है। इसके साथ ही इस युद्ध में मरने वाले अमेरिकी सैनिकों की संख्या 7 हो गई है।