पस्त पड़ा ‘स्कूल ऑफ एमिनैंस’ का क्रेज : विद्यार्थियों ने मोड़ा मुंह, विभाग ने थमाया अल्टीमेटम

Edited By Updated: 21 Jan, 2026 10:49 AM

the craze for  school of eminence  has fizzled out

पंजाब सरकार के ड्रीम प्रोजैक्ट ‘स्कूल ऑफ एमिनैंस’ (एस.ओ.ई.) की चमक अब फीकी पड़ती नजर आ रही है। सत्र 2026-27 के लिए विद्यार्थियों और उनके अभिभावकों में इन स्कूलों को लेकर कोई खास उत्साह नहीं दिख रहा है।

लुधियाना (विक्की): पंजाब सरकार के ड्रीम प्रोजैक्ट ‘स्कूल ऑफ एमिनैंस’ (एस.ओ.ई.) की चमक अब फीकी पड़ती नजर आ रही है। सत्र 2026-27 के लिए विद्यार्थियों और उनके अभिभावकों में इन स्कूलों को लेकर कोई खास उत्साह नहीं दिख रहा है, जिसके चलते रजिस्ट्रेशन की रफ्तार बेहद सुस्त है। जमीनी स्तर पर स्थिति इतनी चिंताजनक है कि जिला शिक्षा विभाग को अब कड़े आदेश जारी करने पड़े हैं।

हाल ही में जिला शिक्षा अधिकारी (स) द्वारा जारी एक अति-जरूरी पत्र के अनुसार, स्कूलों को आज शाम तक कक्षा 8वीं और 10वीं के सभी विद्यार्थियों का 100 प्रतिशत रजिस्ट्रेशन सुनिश्चित करने का लक्ष्य दिया गया है। विभाग ने चेतावनी दी है कि यदि रजिस्ट्रेशन में कोई कमी पाई गई तो संबंधित स्कूल प्रमुखों और कक्षा इंचार्जों के खिलाफ सख्त अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी।

क्यों फेल हो रही है एस.ओ.ई. स्कीम?

जानकारों और विद्यार्थियों के अनुसार, स्कूल ऑफ एमिनैंस की विफलता के पीछे कई बड़े कारण हैं:

स्टाफ की भारी कमी : भले ही सरकार इन स्कूलों को 'वर्ल्ड क्लास' बता रही है, लेकिन हकीकत में यहां लैक्चरर और टीचिंग स्टाफ की भारी कमी है। कई मुख्य विषयों के लिए अब भी अध्यापकों के अस्थाई प्रबंध के भरोसे काम चलाया जा रहा है।

होस्टल सुविधा का अभाव : ‘मेरिटोरियस स्कूलों’ के मुकाबले एस.ओ.ई. में होस्टल और रहने की सुविधा नहीं है। दूर-दराज के क्षेत्रों से आने वाले विद्यार्थी असुरक्षा और समय की बर्बादी के डर से यहां दाखिला लेने से कतरा रहे हैं।

अधूरा इंफ्रास्ट्रक्चर : लुधियाना सहित राज्य के कई शहरों में एस.ओ.ई. के तौर पर चयनित स्कूलों की बिल्डिंग्स का काम सालों से अधूरा पड़ा है। स्मार्ट क्लासरूम और लैबोरेट्रीज केवल कागजों या चुनिंदा कमरों तक सीमित हैं।

भेदभावपूर्ण नीति : विभाग द्वारा नॉन-एस.ओ.ई. विद्यार्थियों के दाखिले को सीमित करने के आदेशों ने भी आम जनता में नकारात्मक संदेश भेजा है, जिससे अभिभावकों का इन स्कूलों से मोह भंग हो रहा है।

मीटिंग में उपस्थिति अनिवार्य

शिक्षा विभाग ने साफ किया है कि जो प्रिंसीपल या इंचार्ज पिछली मीटिंग में शामिल नहीं हुए थे, उन्हें आज दोपहर 3 बजे अपनी रिपोर्ट के साथ दफ्तर में पेश होना होगा। विभाग अब सख्ती के जरिए रजिस्ट्रेशन का आंकड़ा बढ़ाने की कोशिश कर रहा है, लेकिन सवाल यह उठता है कि क्या केवल जबरन रजिस्ट्रेशन कराने से शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार संभव है?

स्कूल ऑफ एमिनैंस और मैरिटोरियस स्कूल की परीक्षा के लिए रजिस्ट्रेशन की तारीख 25 जनवरी तक बढ़ी

स्टेट कौंसिल फॉर एजुकेशन रिसर्च एंड ट्रेनिंग (एस.सी.ई.आर.टी.), पंजाब साल 2026-27 के सत्र के लिए पंजाब के स्कूल ऑफ एमिनैंस (एस.ओ.ई.) और मैरिटोरियस स्कूलों में 9वीं और 11वीं कक्षाओं में दाखिला लेने के इच्छुक विद्यार्थियों की प्रवेश परीक्षा (एंट्रैंस एग्जाम) के लिए रजिस्ट्रेशन की अंतिम तिथि बढ़ा दी गई है।

पहले इन कक्षाओं में रजिस्ट्रेशन करने की समय सीमा 3 जनवरी से 20 जनवरी तक तय की गई थी लेकिन अब इसे बढ़ाकर 25 जनवरी कर दिया गया है। सरकारी, अर्द्ध-सरकारी और प्राइवेट स्कूलों में 8वीं और 10वीं कक्षा में पढ़ रहे विद्यार्थी इन स्कूलों की 9वीं और 11वीं कक्षा में दाखिले के लिए आवेदन कर सकते हैं। यह प्रवेश परीक्षा 1 मार्च, 2026 (रविवार) को आयोजित की जाएगी।

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