बुज़ुर्गों के लिए विशेष स्वास्थ्य नीति की आवश्यकता: फाउंडेशन

Edited By Updated: 27 Oct, 2021 09:30 AM

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नई दिल्ली, 26 अक्टूबर (भाषा) बुज़ुर्गों के लिए काम करने वाली संस्था ‘दादी दादा फाउंडेशन’ ने मंगलवार को भारत में वृद्धावस्था स्वास्थ्य एवं देखभाल पर शोध की आवश्यकता के साथ ही उनके लिए विशेष स्वास्थ्य नीति बनाए जाने पर बल दिया ।

नई दिल्ली, 26 अक्टूबर (भाषा) बुज़ुर्गों के लिए काम करने वाली संस्था ‘दादी दादा फाउंडेशन’ ने मंगलवार को भारत में वृद्धावस्था स्वास्थ्य एवं देखभाल पर शोध की आवश्यकता के साथ ही उनके लिए विशेष स्वास्थ्य नीति बनाए जाने पर बल दिया ।
अपने संबोधन में दादी दादा फाउंडेशन के निदेशक मुनि शंकर पांडेय ने सरकार से निवेदन किया कि बुज़ुर्गों को ध्यान में रखते हुए उनके सही इलाज से जुड़ी एक पॉलिसी भी बनाई जाए।
पांडेय ने ये बात 'नेशनल कॉन्फ्रेंस ऑन जेरियाटिक हेल्थकेयर एंड दादी दादा गौरव सम्मान 2021' कार्यक्रम में कहीं।
उन्होंने कहा ,"आज देश में 18 करोड़ बुज़र्ग हैं, इनके लिए कोई भी जेरियाटिक स्वस्थ नीति नहीं है। अलग अलग आयु वर्ग के लोगों का एक समान इलाज हो रहा है। यह सही नहीं है। एक स्वास्थ नीति बुज़ुर्गों के लिए एक मानक इलाज प्रणाली तय करेगी ।’’ पांडेय ने बताया कि राज्य सभा सांसद अनिल जैन ने दादी दादा फाउंडेशन को आश्वस्त किया है कि वे आगामी संसद सत्र में सरकार से बुज़ुर्गों के लिए एक स्वास्थ्य नीति (जेरियाटिक हेल्थ पॉलिसी) की मांग करेंगे।
कार्यक्रम में पूर्व ऊर्जा सचिव अनिल राज़दान, राष्ट्रीय अनसूचित जाति आयोग के अध्यक्ष विजय सांपला तथा अन्य पदाधिकारी मौजूद थे।



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