महाराष्ट्र ने गुजरात के साथ नदी जोड़ने की परियोजना से अलग होने की घोषणा की : शेखावत

Edited By Updated: 09 Dec, 2021 01:19 PM

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नयी दिल्ली, नौ दिसंबर (भाषा) जल शक्ति मंत्री गजेन्द्र सिंह शेखावत ने बृहस्पतिबार को बताया कि महाराष्ट्र की सरकार ने गुजरात के साथ पार-तापी-नर्मदा और दमनगंगा-पिंजाल नदी जोड़ो परियोजना से अलग होने की घोषणा की है और मंत्रालय इस विषय में प्रदेश...

नयी दिल्ली, नौ दिसंबर (भाषा) जल शक्ति मंत्री गजेन्द्र सिंह शेखावत ने बृहस्पतिबार को बताया कि महाराष्ट्र की सरकार ने गुजरात के साथ पार-तापी-नर्मदा और दमनगंगा-पिंजाल नदी जोड़ो परियोजना से अलग होने की घोषणा की है और मंत्रालय इस विषय में प्रदेश सरकार को पत्र लिखेगा।
लोकसभा में भाजपा सांसद हिना गावित के पूरक प्रश्न के उत्तर में जल शक्ति मंत्री शेखावत ने यह जानकारी दी। गावित ने नर्मदा और तापी नदियों को जोड़ने की परियोजना एवं इसके संबंध में बांध के निर्माण के विषय पर सरकार से जानकारी मांगी थी।
शेखावत ने कहा कि पार-तापी-नर्मदा और दमनगंगा-पिंजाल नदी जोड़ो परियोजना महाराष्ट्र और गुजरात से जुड़ी है। उन्होंने कहा कि जल राज्यों का विषय होता है और ऐसी परियोजनाओं को लेकर प्रारंभिक स्तर पर राज्य सरकारों के बीच सहमति बनानी होती है।
जल शक्ति मंत्री ने बताया, ‘‘ महाराष्ट्र सरकार ने इस परियोजना से अलग होने की घोषणा की है।’’ उन्होंने बताया कि वह इस विषय पर महाराष्ट्र की सरकार को पत्र लिखेंगे। उन्होंने साथ ही प्रदेश के सांसदों से भी आग्रह किया कि वे भी ऐसी राष्ट्रीय महत्व की परियोजना के संबंध में महाराष्ट्र सरकार से अपने फैसले पर पुनर्विचार करने को कहें।
शेखावत ने कहा कि मुम्बई में पानी की कमी की स्थिति है और इस परियोजना से दोनों राज्यों को जल संसाधनों का उपयोग करने का अवसर मिलेगा।
प्रश्नकाल में ही शिवसेना के श्रीकांत एकनाथ शिंदे ने महाराष्ट्र में बाढ़ और नदियों को जोड़ने की परियोजनाओं का उल्लेख करते हुए कहा कि दमनगंगा-पिंजाल एवं अन्य परियोजना को लेकर तापी नदी पर बांध बनाया जाना था और महाराष्ट्र ने गुजरात से इस संबंध में पानी के संबंध में कुछ विषय रखे जो 2017 से ही लंबित थे, ऐसे में परियोजना से अलग होने का फैसला किया गया।
इस पर केंद्रीय मंत्री शेखावत ने कहा कि नदियों को जोड़ने की ऐसी राष्ट्रीय महत्व की परियोजनाओं पर राज्यों को खुले मन से आगे आना चाहिए। उन्होंने बताया कि केन-बेतवा नदी जोड़ो परियोजना के संबंध में भी विस्तृत परियोजना रिपोर्ट तैयार होने के बाद जल के बंटवारे के विषय को सुलझाने में कई वर्ष लग गए थे।
शेखावत ने कहा कि ऐसे में अगर महाराष्ट्र एवं गुजरात के बीच किसी विषय पर सहमति नहीं बन पा रही है तब ऐसे उपाय करने एवं मार्ग निकालने की जरूरत है जिससे सहमति बन सके।
उन्होंने सदन को केन-बेतवा नदी जोड़ो परियोजना को मंत्रिमंडल की मंजूरी मिलने के विषय की जानकारी दी जिस पर 44 हजार करोड़ रूपये की लागत आयेगी।

यह आर्टिकल पंजाब केसरी टीम द्वारा संपादित नहीं है, इसे एजेंसी फीड से ऑटो-अपलोड किया गया है।

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