निर्यात को बढ़ावा देने के लिए आधारभूत ढांचा तैयार करने पर ध्यान दे रहे: एपीडा

Edited By Updated: 31 Dec, 2021 05:52 PM

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नयी दिल्ली, 31 दिसंबर (भाषा) वाणिज्य मंत्रालय के अंतर्गत आने वाला कृषि और प्रसंस्कृत खाद्य उत्पाद निर्यात विकास प्राधिकरण (एपीडा) ने शुक्रवार को कहा कि निर्यात को बढ़ावा देने के लिए वह राज्य सरकारों के साथ मिलकर बुनियादी ढांचा एवं संकुल तैयार...

नयी दिल्ली, 31 दिसंबर (भाषा) वाणिज्य मंत्रालय के अंतर्गत आने वाला कृषि और प्रसंस्कृत खाद्य उत्पाद निर्यात विकास प्राधिकरण (एपीडा) ने शुक्रवार को कहा कि निर्यात को बढ़ावा देने के लिए वह राज्य सरकारों के साथ मिलकर बुनियादी ढांचा एवं संकुल तैयार करने पर ध्यान दे रहा है।

एपीडा ने कहा कि कृषि एवं प्रसंस्कृत उत्पादों का निर्यात 2020-21 में बढ़कर 1,53,050 करोड़ रुपये हो गया जो 2011-12 में 83,484 करोड़ रुपये था। इसमें बताया गया कि 2020-21 में कुल निर्यात में से करीब एक चौथाई हिस्सेदारी गैर-बासमती चावल की थी। इसके बाद बासमती चावल और भैंस का मांस है।

बेनिन, नेपाल, बांग्लादेश, सेनेगल और टोगो गैर-बासमती चावल के शीर्ष आयातक हैं। 2020-21 में बासमती चावल का प्रमुख रूप से निर्यात सऊदी अरब, ईरान, इराक, यमन और संयुक्त अरब अमीरात में किया गया।

भैंसे के मांस का सर्वाधिक आयात हांगकांग, वियतनाम, मलेशिया, मिस्र और इंडोनेशिया ने किया।

एपीडा के चेयरमैन एम अंगमुथु ने कहा, ‘‘हम कृषि निर्यात नीति, 2018 के लक्ष्य को ध्यान में रखते हुए राज्य सरकारों के सहयोग से संकुल पर ध्यान केंद्रित करके निर्यात को बढ़ावा देने के लिए बुनियादी ढांचे के निर्माण पर लगातार गौर रहे हैं।”
विश्व कृषि निर्यात के मामले में 2019 में भारत की हिस्सेदारी 2.1 फीसदी थी। 2010 में यह आंकड़ा 1.71 फीसदी था।



यह आर्टिकल पंजाब केसरी टीम द्वारा संपादित नहीं है, इसे एजेंसी फीड से ऑटो-अपलोड किया गया है।

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