Petrol-Diesel Price: आम आदमी के लिए बड़ी खबर! बढ़ेंगे दाम या मिलेगी राहत? सरकार ने दे दिया फाइनल जवाब

Edited By Updated: 10 Mar, 2026 10:34 AM

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पश्चिम एशिया (मिडल ईस्ट) में जारी युद्ध और बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव के बावजूद भारत में पेट्रोल और डीजल की कीमतों में बढ़ोतरी की कोई संभावना नहीं है। सरकारी सूत्रों ने सोमवार को साफ किया कि देश के पास पर्याप्त तेल भंडार (Fuel Reserve) मौजूद है और सप्लाई...

Petrol Diesel Price Stability India : पश्चिम एशिया (मिडल ईस्ट) में जारी युद्ध और बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव के बावजूद भारत में पेट्रोल और डीजल की कीमतों में बढ़ोतरी की कोई संभावना नहीं है। सरकारी सूत्रों ने सोमवार को साफ किया कि देश के पास पर्याप्त तेल भंडार (Fuel Reserve) मौजूद है और सप्लाई चैन पूरी तरह सुरक्षित है। सरकार ने जनता से अपील की है कि वे घबराएं नहीं क्योंकि भारत किसी भी वैश्विक संकट से निपटने के लिए पूरी तरह तैयार है।

दाम कब बढ़ेंगे? सरकार का 130 डॉलर वाला गणित

सरकारी सूत्रों के अनुसार घरेलू बाजार में कीमतों पर तब तक कोई बड़ा असर नहीं पड़ेगा जब तक अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल (Crude Oil) की कीमत 130 डॉलर प्रति बैरल के पार नहीं चली जाती। वर्तमान में कच्चे तेल की कीमतें 100 डॉलर प्रति बैरल के आसपास रहने की उम्मीद है जो भारत के लिए नियंत्रण योग्य है। देश के किसी भी कोने या पेट्रोल पंप पर ईंधन की कोई कमी नहीं है। सप्लाई स्थिर बनी हुई है।

हवाई जहाज के तेल (ATF) का एक्सपोर्टर है भारत

हवाई यात्रा महंगी होने की आशंकाओं को खारिज करते हुए अधिकारियों ने बताया कि भारत न केवल एविएशन फ्यूल (ATF) का उत्पादक है बल्कि इसका निर्यात (Export) भी करता है। इसलिए देश के विमानन क्षेत्र में ईंधन की कोई कमी नहीं होगी। भारत की स्थिति इतनी मजबूत है कि कई अन्य देशों ने भी संकट के समय मदद के लिए भारत से संपर्क किया है।

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LPG सिलेंडर बुकिंग पर नया नियम: अब 25 दिन का अंतर

सरकार ने रसोई गैस (LPG) की जमाखोरी और पैनिक बुकिंग को रोकने के लिए एक महत्वपूर्ण बदलाव किया है:

  • नया नियम: अब घरेलू गैस सिलेंडर की रिफिल बुकिंग के बीच का अंतर 21 दिन से बढ़ाकर 25 दिन कर दिया गया है।

  • उद्देश्य: सरकार चाहती है कि लोग डर के मारे अतिरिक्त स्टॉक जमा न करें ताकि सप्लाई सभी के लिए समान रूप से बनी रहे।

सप्लाई के रास्तों में बदलाव 

भारत ने रणनीतिक रूप से अपनी निर्भरता 'होर्मुज जलडमरूमध्य' (Strait of Hormuz) पर कम कर दी है। अब भारत दुनिया के अलग-अलग हिस्सों से कच्चा तेल आयात कर रहा है ताकि युद्ध प्रभावित क्षेत्रों में रास्ता बंद होने पर भी देश की रफ्तार न थमे।

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